प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तय कार्यक्रम के अनुसार काशी विश्वनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की। मंदिर प्रशासन द्वारा किए गए डमरू वादन और पुजारियों के स्वागत से अभिभूत होकर पीएम ने सबका धन्यवाद किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद प्रधानमंत्री सीधे हरदोई के लिए रवाना हुए ताकि विकास की बड़ी परियोजनाओं को जनता को समर्पित कर सकें।
स्वागत की भव्यता: वाराणसी की सड़कों पर प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई, जहां ‘जय श्री राम’ के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर भीड़ का अभिवादन किया और मंदिर से निकलते समय नन्हे बच्चों के साथ संवाद भी किया। शहर में उनके स्वागत के लिए कई विशेष द्वार बनाए गए थे, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शा रहे थे।
एक्सप्रेस-वे की सौगात: हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे यूपी के लिए एक वरदान बताया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक हस्तरेखाएं भारत के भविष्य को संवारने का काम करेंगी। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार के शासनकाल में शिलान्यास और लोकार्पण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है, जिससे बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है।
सपा पर तीखा हमला: जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को समाजवादी पार्टी और उसके मित्रों से बचकर रहने की जरूरत है, क्योंकि वे विकास और महिलाओं के हितों के विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के मार्ग में ऐसी ताकतों से सावधान रहना अनिवार्य है। पीएम ने स्पष्ट किया कि यूपी अब गड्ढों वाली पहचान को पीछे छोड़ चुका है।
बदलती पहचान: पीएम मोदी ने याद दिलाया कि पहले के समय में उत्तर प्रदेश में यातायात की स्थिति अत्यंत दयनीय थी, लेकिन अब एक्सप्रेस-वे के जाल और नोएडा एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश की छवि बदल दी है। उन्होंने कहा कि अब यूपी की पहचान विकास से होती है, न कि पुरानी सियासत के अवरोधों से। यह नई व्यवस्था प्रदेश के हर नागरिक के जीवन को सुगम बना रही है।
बंगाल चुनाव पर नजर: प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में West Bengal के चुनावी माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां ऐतिहासिक मतदान हो रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले कई दशकों में पहली बार बंगाल की जनता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही है। भारी मतदान को उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों की विजय करार दिया।

























































