हरे निशान में खुले सेंसेक्स और निफ्टी, शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। पिछले कारोबारी सत्रों में जारी उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों की नजर आईटी और बंदरगाह से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर रही, जिनमें खरीदारी ने बाजार को शुरुआती सहारा दिया। कारोबार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स 40.72 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,286.75 अंक पर पहुंच गया। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 50 भी 3.05 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,701.90 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में तेजी सीमित रही और बाजार में खरीदारी तथा बिकवाली, दोनों का असर नजर आया। शुरुआती कारोबार के दौरान लगभग 1,190 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 1,035 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त 155 शेयर पिछले स्तर के मुकाबले बिना किसी बदलाव के कारोबार करते रहे। शेयरों की यह स्थिति बाजार में निवेशकों के सतर्क रुख और अलग-अलग क्षेत्रों में खरीदारी के असमान रुझान को दर्शाती है।
आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती: क्षेत्रवार कारोबार पर नजर डालें तो आईटी शेयरों ने बाजार की तेजी को सहारा दिया। निफ्टी आईटी सूचकांक 0.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 31,819.00 अंक पर पहुंच गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक 0.41 प्रतिशत मजबूत हुआ। निफ्टी मीडिया में 0.20 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर दोनों में 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत, धातु, वाहन और रसायन क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। निफ्टी केमिकल और निफ्टी सीमेंट सूचकांक में 0.62-0.62 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, निफ्टी मेटल 0.47 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 0.38 प्रतिशत नीचे आ गया। बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला निफ्टी बैंक सूचकांक भी 0.10 प्रतिशत कमजोर रहा। दैनिक उपयोग की वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी नरमी दिखी और निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक 0.22 प्रतिशत गिर गया। इस तरह बाजार में तेजी का लाभ सभी क्षेत्रों को नहीं मिला और आईटी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन दूसरे प्रमुख क्षेत्रों से बेहतर रहा।
अदाणी पोर्ट्स और टीसीएस बने शुरुआती कारोबार के प्रमुख लाभार्थी: निफ्टी 50 में शामिल प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अदाणी पोर्ट्स ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का शेयर 2.08 प्रतिशत चढ़कर 1,798 रुपये पर पहुंच गया और शुरुआती कारोबार में सूचकांक का प्रमुख लाभार्थी रहा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टीसीएस के शेयर में भी 1.54 प्रतिशत की तेजी आई और यह 2,498 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके अलावा बीएसई के शेयर में 1.15 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 0.99 प्रतिशत और पावरग्रिड में 0.95 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आईटी कंपनियों में खरीदारी का रुख इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी दिखाई दिया। इंफोसिस 0.83 प्रतिशत, एचसीएल टेक 0.66 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 0.61 प्रतिशत मजबूत हुआ। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया। विशेष रूप से आईटी कंपनियों में तेजी और अदाणी पोर्ट्स के मजबूत प्रदर्शन ने बाजार के सीमित सकारात्मक रुख को बनाए रखने में भूमिका निभाई।
ट्रेंट, मारुति सुजुकी और एचडीएफसी बैंक समेत कई शेयरों में गिरावट: बाजार में जहां कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, वहीं कई प्रमुख शेयर दबाव में रहे। खुदरा कारोबार से जुड़ी कंपनी ट्रेंट का शेयर 1.51 प्रतिशत गिरकर 2,870 रुपये पर आ गया और शुरुआती कारोबार के प्रमुख नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहा। वाहन क्षेत्र की मारुति सुजुकी में 0.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। धातु क्षेत्र की कंपनी हिंडाल्को का शेयर 0.90 प्रतिशत फिसला, जबकि एचडीएफसी बैंक में 0.89 प्रतिशत की कमजोरी रही। इसके अलावा बजाज फाइनेंस के शेयर में 0.59 प्रतिशत और तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी में 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई। वाहन निर्माता आइशर मोटर्स का शेयर भी 0.42 प्रतिशत नीचे रहा। इन शेयरों में शुरुआती बिकवाली से पता चला कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में ही खरीदारी कर रहे थे और दूसरे क्षेत्रों में मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ था। इस कारण सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त के बावजूद बाजार का समग्र रुख पूरी तरह मजबूत नहीं दिखाई दिया।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच आईटी और बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर निवेशकों की नजर: अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले-जुले संकेतों और आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में आईटी तथा बुनियादी ढांचे से जुड़ी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर बना हुआ है। शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में खरीदारी और अदाणी पोर्ट्स में तेजी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि वाहन, धातु और कुछ बैंकिंग शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों में निवेशकों की गतिविधियों के कारण प्रमुख सूचकांकों में बड़ी तेजी देखने को नहीं मिली। कारोबार के शेष हिस्से में कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजों पर निवेशकों की प्रतिक्रिया बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहेगी। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली पर भी नजर रहेगी, क्योंकि उनके निवेश संबंधी फैसलों का बाजार की चाल पर असर पड़ सकता है। वैश्विक परिस्थितियों और घरेलू शेयरों में जारी क्षेत्रवार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन तथा बाजार से जुड़े संकेतों का आकलन करते रहेंगे।
वायदा सौदों की समाप्ति और तिमाही नतीजे तय करेंगे बाजार की अगली चाल: कारोबारी सत्र के दौरान वायदा सौदों की समाप्ति भी बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक रहेगी। तिमाही नतीजों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी तथा मुनाफावसूली के आधार पर शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। शुरुआती आंकड़ों में बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से अधिक रही, लेकिन दोनों के बीच अंतर सीमित होने और प्रमुख सूचकांकों में मामूली तेजी रहने से बाजार में सतर्कता का संकेत मिला। आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मजबूती के मुकाबले वाहन, धातु, रसायन और कुछ वित्तीय कंपनियों में कमजोरी ने बाजार की चाल को संतुलित बनाए रखा। ऐसे में कारोबार के आगे बढ़ने के साथ निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों, विदेशी निवेश के रुझान और वायदा बाजार की गतिविधियों पर बनी रहेगी। इन कारकों के आधार पर यह तय होगा कि शुरुआती बढ़त आगे कायम रहती है या बाजार में फिर से बिकवाली का दबाव बढ़ता है।
















































