1. शनि की वक्री चाल (27 जुलाई – 11 दिसंबर 2026)
27 जुलाई 2026 से शनि ने अपनी उल्टी (वक्री) चाल शुरू कर दी है, जो 11 दिसंबर तक जारी रहेगी। शनि को न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए इनकी चाल में बदलाव कई राशियों के लिए चुनौतियां लेकर आता है।
| राशि | वक्री शनि का प्रभाव |
| सिंह | आठवें भाव (आयु/रहस्य) में शनि के वक्री होने से स्वास्थ्य में गिरावट और मन बेचैन रह सकता है। अज्ञात भय सता सकता है, इसलिए रूटीन चेकअप अवश्य कराएं। |
| कन्या | सातवें भाव (विवाह/साझेदारी) में गोचर दांपत्य जीवन और व्यापार में परेशानी ला सकता है। शांत रहें और कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें। |
| तुला | छठे भाव (शत्रु/रोग) में शनि की चाल मित्रों से अनबन करा सकती है। शत्रुपक्ष हावी होने का प्रयास कर सकता है, इसलिए सतर्क रहें। |
| धनु | चौथे भाव (माता/भूमि) में शनि के गोचर से माता के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। जमीन या वाहन खरीदने का फैसला फिलहाल कुछ दिनों के लिए टाल दें। |
| मीन | पहले भाव (शरीर) में शनि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में रुकावटें ला सकते हैं। पैरों में दर्द की समस्या रह सकती है, धैर्य से काम लें। |
बुरे प्रभाव से बचने के ज्योतिषीय उपाय:
- हर मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से हनुमान जी और शनि देव की पूजा करें।
- शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- शनिवार को तेल, काले तिल, कपड़े, चप्पल और भोजन का दान करें।
- भूलकर भी किसी कमजोर या असहाय व्यक्ति का अपमान न करें।
- अनुभवी ज्योतिषी की सलाह लेकर नीलम रत्न धारण कर सकते हैं।
2. शुक्र का सूर्य के नक्षत्र में गोचर (29 जुलाई)
29 जुलाई को प्रेम और आकर्षण के कारक ग्रह शुक्र, अपने शत्रु ग्रह सूर्य के नक्षत्र ‘उत्तराफाल्गुनी’ में प्रवेश करेंगे। इसका प्रभाव मुख्य रूप से रिश्तों पर पड़ेगा।
- कन्या राशि: आपके द्वादश भाव में शुक्र का होना पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर बहस का कारण बन सकता है। अहम का टकराव दूरियां बढ़ा सकता है। पुरानी बातों को कुरेदने से बचें और अपनी बात थोपने का प्रयास न करें।
- मकर राशि: कार्यक्षेत्र की अत्यधिक व्यस्तता आपके स्वभाव में रूखापन ला सकती है, जिससे पार्टनर के साथ नोकझोंक होगी। रिश्तों में आई गलतफहमियां दूर करने के लिए पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं।
- मीन राशि: छठे भाव में शुक्र प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव लाएंगे। पार्टनर पर अकारण शक करने और किसी तीसरे की सलाह पर राय बनाने से बचें। नए रिश्तों में विशेष सावधानी बरतें।
3. मंगल का मिथुन राशि में गोचर (अगस्त)
क्रूर ग्रहों की श्रेणी में आने वाले मंगल अगस्त के महीने में वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के दौरान आर्थिक मोर्चे पर कुछ राशियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
| राशि | मंगल गोचर का प्रभाव एवं उपाय |
| कर्क | प्रभाव: द्वादश भाव में मंगल अचानक खर्च बढ़ाएंगे। कीमती सामान खराब होने या कोर्ट-कचहरी में धन खर्च हो सकता है। निवेश से बचें। उपाय: नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करें। |
| धनु | प्रभाव: सप्तम भाव में मंगल आर्थिक और वैवाहिक जीवन पर बुरा असर डाल सकते हैं। धन के लेन-देन और नए काम में सावधानी बरतें। उपाय: गुड़, गेहूं या लाल वस्त्रों का दान करें। |
| वृश्चिक | प्रभाव: अष्टम भाव में मंगल आर्थिक नुकसान और पारिवारिक उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। सट्टेबाजी से बचें और यात्रा में सामान का ध्यान रखें। उपाय: हनुमान मंदिर में घी का दीपक जलाएं। |
4. कर्क राशि में शुभ ‘त्रिग्रही योग’ (5 अगस्त)
अगस्त के पहले सप्ताह में कर्क राशि में सूर्य और गुरु पहले से मौजूद होंगे और 5 अगस्त को बुध के वहां पहुंचने से एक बेहद शुभ त्रिग्रही योग (सूर्य-गुरु-बुध) का निर्माण होगा। यह योग कुछ राशियों का भाग्य चमका देगा।
- मेष राशि: आपके सुख भाव (चतुर्थ) में यह योग करियर में नई ऊंचाइयां देगा। निवेश से बेहतरीन रिटर्न मिलेगा और भूमि, भवन या वाहन खरीदने के प्रबल योग बनेंगे।
- कर्क राशि: आपकी ही राशि में बनने वाला यह योग आत्मविश्वास और ज्ञान में वृद्धि करेगा। रोजगार की तलाश पूरी होगी, अटका हुआ धन वापस मिलेगा और नए कारोबार के लिए यह समय उत्तम है।
- तुला राशि: कर्म भाव (दसवें) में योग बनने से कार्यक्षेत्र में सीनियर्स आपकी सराहना करेंगे। पदोन्नति मिल सकती है और विदेश में नौकरी करने का सपना पूरा हो सकता है।
- मकर राशि: सप्तम भाव का त्रिग्रही योग समाज में ख्याति दिलाएगा। राजनीति या पब्लिक डीलिंग से जुड़े लोगों को शानदार सफलता मिलेगी और धन से जुड़ी सभी समस्याएं दूर होंगी। सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में बड़ा लाभ देगा।

























































