प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 100 हफ्ते के कैंपेन का ऐलान किया है। इस राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान की शुरुआत ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ कार्यक्रम के तहत की गई है। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर इस अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान देश के युवाओं को नशे की लत से पूरी तरह दूर रखने के लिए बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
प्रत्येक रविवार को आयोजित होंगी विशेष गतिविधियां पीएम मोदी के अनुसार यह 100 हफ्ते का देशव्यापी कैंपेन पूरी तरह से जन भागीदारी पर आधारित होगा। इस अभियान के तहत हर रविवार को देश भर में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित होंगी। रविवार की इन गतिविधियों का मुख्य मकसद नशा मुक्ति के लिए पूरे समाज को एक साथ एकजुट करना है। समाज के सभी वर्गों को इस अभियान से जोड़कर नशे के खिलाफ एक मजबूत माहौल तैयार किया जाएगा। ताकि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और देश के युवाओं को इस गंभीर खतरे से बचाने में योगदान दे।
हजारों स्थानों से जुड़ेगा देश का युवा वर्ग इस 100 हफ्ते के राष्ट्रव्यापी अभियान में देश के 10,000 से ज्यादा स्थानों से युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर युवाओं को इस पूरे तंत्र के साथ सीधे जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा MYBharat और NSS के समर्पित वॉलंटियर्स भी इस सामाजिक मुहिम में अपनी बड़ी भूमिका निभाएंगे। देश के कोने-कोने में मौजूद वॉलंटियर्स हर नागरिक तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का काम करेंगे। स्थानीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति लगातार सचेत किया जाएगा।
विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों का सहयोग इस ऐतिहासिक अभियान में देश भर के स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इनके साथ ही विभिन्न यूथ क्लब, एनजीओ (NGO) और आध्यात्मिक संगठन भी इस मुहिम में शामिल किए गए हैं। अभियान को 125 से अधिक प्रमुख आध्यात्मिक संगठनों और औद्योगिक संघों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। ब्रह्माकुमारीज, इस्कॉन, चिन्मय मिशन और ऑरोविले जैसी बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इसमें जुड़े हुए हैं। सभी संस्थाएं मिलकर शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे की गिरफ्त से दूर रखने का काम करेंगी।
28 हजार स्थानों पर आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम 100 हफ्ते के इस अभियान की शुरुआत के अवसर पर देश के 28 हजार से ज्यादा स्थानों पर कार्यक्रम हुए। इन सभी आयोजनों के माध्यम से देश भर के 1 करोड़ से अधिक युवा इस अभियान से सीधे तौर पर जुड़े। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले ही इन सभी स्थानों पर युवाओं ने नशा मुक्त भारत बनाने की सामूहिक शपथ ली। कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और जनप्रतिनिधि भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे। पूज्य अम्मा, श्री श्री रविशंकर, दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी जैसे गुरु भी इसमें शामिल रहे।
विकसित भारत के लक्ष्य के लिए युवाओं का स्वास्थ्य जरूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना युवाओं के बिना अधूरा है। यदि देश को विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है तो युवा का तन और मन से स्वस्थ होना अनिवार्य है। युवाओं को नशे जैसी घातक आदत से दूर रखकर ही उनके भीतर आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार किया जा सकता है। पीएम मोदी ने प्रोफेसरों से भी अपील की कि वे कॉलेजों में नशा विरोधी अभियान चलाकर छात्रों को बचाएं। उन्होंने कहा कि नशे को हराकर बाहर निकलने वाले युवा योद्धा हैं और समाज को उनका सम्मान करना चाहिए।


























































