आज 5 अगस्त को रिजर्व बैंक के फैसले से पहले भारतीय शेयर बाजार में शानदार बढ़त दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 626 अंकों की मजबूती के साथ 79055 के स्तर पर खुला। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 भी 54 अंकों की तेजी के साथ 24669 के स्तर पर खुलने में कामयाब रहा। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजे आने से पहले ही बाजार में हरियाली छाई हुई है। बाजार के शुरुआती कारोबार में निवेशकों द्वारा खरीदारी का रुख देखने को मिला जिससे सूचकांक ऊपर चढ़े।
आरबीआई रेपो रेट पर फैसला: आज शेयर बाजार में निवेशकों की नजर रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति पर टिकी हुई है। मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिनों तक चलने वाली बैठक के नतीजे आज जारी किए जाने वाले हैं। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान युद्ध के तनाव, अल-नीनो और महंगाई की चिंताओं का माहौल बना हुआ है। इन परिस्थितियों के बीच विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आरबीआई मुख्य लेंडिंग रेट 5.25% पर बरकरार रखेगा। इसके साथ ही रिजर्व बैंक द्वारा इस समीक्षा में ‘इंतजार करो और देखो’ की नीति अपनाने का अनुमान है।
एशियाई शेयर बाजार का हाल: कच्चे तेल की गिरती कीमतों और वॉल स्ट्रीट की तेजी से एशियाई बाजार उछले हैं। अमेरिकी बाजार में बीती रात आईटी और टेक शेयरों की जमकर लिवाली से बाजार रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। इस सकारात्मक माहौल के असर से जापान का निक्केई 225 सूचकांक आज 3% तक उछल गया। जापान के टोपिक्स इंडेक्स ने भी आज के कारोबारी सत्र में 1.45% की बढ़त हासिल करने में सफलता पाई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.96% चढ़ा और स्मॉल-कैप कोस्डैक भी 2.32% ऊपर चढ़ने में कामयाब रहा।
अमेरिकी शेयर बाजार की स्थिति: अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत से अमेरिकी बाजार चमका है। होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की खबर से अमेरिकी शेयर बाजार कल नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। जून के बाद पहली बार एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.79% की बढ़त के साथ 7,736.52 पर बंद हुआ। इसके अलावा नैस्डैक कम्पोजिट सूचकांक भी 2.59% की तेजी दर्ज करते हुए 26,584.99 पर बंद हुआ। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 907.47 अंक या 1.71% की बढ़त लेकर 54,085.88 पर बंद होने में सफल रहा।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौता: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट का बयान आया है। उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान के साथ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर बातचीत सही दिशा में है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य समझौता इसी हफ्ते होने की पूरी संभावना है। जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की बातचीत आगे बढ़ने की खबर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक माहौल बना। कूटनीतिक मोर्चे पर हुई इस प्रगति के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल के दामों में गिरावट: राजनयिक बातचीत के सकारात्मक संकेतों के बीच कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स 0.50% गिरकर 75.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग 0.25% की गिरावट के साथ 79.16 डॉलर पर आ गया। कॉमेक्स यानी COMEX पर भी कच्चे तेल की कीमतें 0.41% की गिरावट के साथ 75.46 डॉलर प्रति बैरल पर रहीं। कच्चे तेल में आई इस नरमी से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता कम हुई और शेयर बाजारों को सहारा मिला।


























































