स्कन्द षष्ठी पर कार्तिकेय पूजा का महत्व: स्कन्द षष्ठी का दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा और आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान कार्तिकेय की पूजा करने और कुछ विशेष उपाय अपनाने से जीवन की कई परेशानियों से छुटकारा पाने में सहायता मिलती है। इन उपायों को करियर में उन्नति, मनपसंद विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने, कारोबार में लाभ बढ़ाने, आर्थिक स्थिति मजबूत करने और अधूरी मनोकामनाएं पूरी करने से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में आचार्य इंदु प्रकाश ने बताया है कि श्रद्धा और विधि के साथ भगवान कार्तिकेय की आराधना करने से भक्तों को विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।
करियर में तरक्की और मनपसंद विवाह के लिए उपाय: यदि आप अपने करियर में बेहतर मुकाम हासिल करना चाहते हैं और नौकरी या कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने की कामना रखते हैं, तो स्कन्द षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को खीर का भोग लगाएं। भोग अर्पित करने के कुछ समय बाद उस खीर को छोटे बच्चों में बांट दें। वहीं, यदि किसी कारण से मनपसंद विवाह में लंबे समय से बाधाएं आ रही हैं, तो शाम के समय भगवान कार्तिकेय की तस्वीर के सामने घी के 6 दीपक जलाएं। ध्यान रखें कि ये दीपक सुबह तक जलते रहने चाहिए। अगले दिन सुबह दीपकों को वहां से उठाकर सुरक्षित रख लें। जब विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने लगें, तब इन दीपकों को एक-एक करके घर की नियमित पूजा में इस्तेमाल करें।
कारोबार में लाभ और अधूरी मनोकामना पूरी करने के उपाय: यदि कई प्रयासों के बाद भी आपकी कंपनी या कारोबार को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है और आप व्यवसाय में अधिक तरक्की चाहते हैं, तो स्कन्द षष्ठी के दिन नीले रंग का एक मोटा धागा लेकर भगवान कार्तिकेय को अर्पित करें। इसके बाद विधि-विधान से उनकी पूजा करें। पूजा पूरी होने पर उस धागे को वापस लेकर अपने दाहिने हाथ की बाजू पर बांध लें। इसके अलावा, यदि आपकी कोई इच्छा लंबे समय से अधूरी है और उसके कारण आपके कामकाज में रुकावटें आ रही हैं, तो एक चांदी की अंगूठी लें और उसे सबसे पहले गंगाजल से धो लें। इसके बाद थोड़े से गाय के दूध में अंगूठी डालें और उसमें तुलसी के पत्ते तथा थोड़ी शक्कर भी मिला दें। भगवान कार्तिकेय का ध्यान करने के बाद उस अंगूठी को धारण कर लें।
बच्चों की पढ़ाई और खर्चों पर नियंत्रण के लिए उपाय: यदि आपके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता है और इस वजह से वह परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल नहीं कर पा रहा है, तो स्कन्द षष्ठी के दिन दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके भगवान कार्तिकेय की पूजा करें। पूजा के दौरान गाय के घी का दीपक जलाएं और भगवान को ताजे फूल अर्पित करें। वहीं, यदि आप अपने अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण पाना चाहते हैं, तो सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान कार्तिकेय को प्रणाम करें। इसके बाद उनकी मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन बिछाकर बैठें और एकाग्र मन से उनका ध्यान करें। इस दौरान भगवान कार्तिकेय को करौंदे की माला अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस उपाय को करने से खर्चों को नियंत्रित करने और आर्थिक अनुशासन बनाए रखने में सहायता मिलती है।
दांपत्य जीवन और सरकारी नौकरी में सफलता के लिए उपाय: यदि आप अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाना चाहते हैं और जीवनसाथी के साथ रिश्ते में प्रेम तथा मजबूती बनाए रखना चाहते हैं, तो स्कन्द षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय को दूध में केसर मिलाकर अर्पित करें। इसके साथ ही अपने दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना करें। सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी इस दिन विशेष उपाय बताया गया है। यदि लंबे समय से मेहनत करने के बावजूद परीक्षा में सफलता नहीं मिल रही है, तो चंपा के ताजे फूलों की माला बनाकर भगवान कार्तिकेय के मंदिर में चढ़ाएं। साथ ही भगवान को चंदन का तिलक लगाएं। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक यह उपाय करने से सफलता की राह में आने वाली बाधाएं दूर करने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए सकारात्मकता बनाए रखने में सहायता मिलती है।
आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए विशेष उपाय: यदि आप अपनी आर्थिक स्थिति को पहले से बेहतर बनाना चाहते हैं और धन से जुड़ी परेशानियों से राहत पाने की कामना रखते हैं, तो स्कन्द षष्ठी की रात थोड़ा सा सत्तू का आटा लें और उसमें थोड़ी मात्रा में घी मिलाएं। अब इस आटे की सहायता से एक दीपक तैयार करें। इसके बाद इस दीपक को अपने घर के पास किसी चौराहे पर रख आएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्कन्द षष्ठी पर बताए गए इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से करियर, कारोबार, विवाह, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और आर्थिक स्थिति से जुड़ी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान कार्तिकेय की कृपा प्राप्त होती है।
















































