अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा- पारदर्शी तरीके से काम करें एजेंट, खरीदारों के हितों का रखें ध्यान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की ओर से गुरुवार को रेरा मुख्यालय लखनऊ में रियल एस्टेट एजेंटों के लिए वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की। इसमें एजेंटों को रेरा के नियमों, जरूरी कागजात रखने, विज्ञापन करने और समय पर जानकारी देने से जुड़े नियमों की आसान तरीके से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत यूपी रेरा के सचिव महेंद्र वर्मा के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वेबिनार के उद्देश्य और एजेंटों के लिए इसके महत्व की जानकारी दी।

इसके बाद यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने वेबिनार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रियल एस्टेट कारोबार में एजेंटों की महत्वपूर्ण भूमिका है। एजेंट यदि नियमों के अनुसार और पूरी जानकारी के साथ काम करेंगे तो इससे खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता भी मजबूत होगी।
वेबिनार में रेगुलेटरी कन्सल्टंट, यूपी रेरा ने एजेंटों को उनके काम से जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी दी। बताया गया कि एजेंट केवल रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं में ही बिक्री या खरीद में मदद कर सकते हैं। उन्हें अपने काम से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड और कागजात भी सुरक्षित रखने होंगे। ग्राहकों को गलत जानकारी देने, झूठे दावे करने या भ्रामक विज्ञापन करने से बचना होगा।
एजेंटों को बताया गया कि किसी परियोजना का विज्ञापन करने से पहले बिल्डर या प्रमोटर की लिखित अनुमति जरूरी है। विज्ञापन में परियोजना का नाम, रेरा पंजीकरण नंबर, कलेक्शन अकाउंट, क्यूआर कोड और रेरा की वेबसाइट का लिंक साफ तौर पर देना होगा। इसके साथ एजेंट का नाम और उसका रेरा पंजीकरण नंबर भी विज्ञापन में दिखाना जरूरी होगा।
वेबिनार में REG-8 और REG-9 के बारे में भी एजेंटों को जानकारी दी गई। बताया गया कि REG-8 में एजेंट को अपने माध्यम से होने वाले हर रियल एस्टेट लेनदेन का रिकॉर्ड रखना होगा। इसमें ग्राहक का नाम और संपर्क विवरण, परियोजना और यूनिट की जानकारी, कीमत, बुकिंग की तारीख और कमीशन जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। यह रिकॉर्ड लगातार अपडेट रखना होगा।
एजेंटों को REG-9 के जरिए हर तीन महीने में अपने काम से जुड़ी जानकारी यूपी रेरा को देनी होगी। इसमें संबंधित परियोजनाओं, उस अवधि में हुए लेनदेन और कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। तिमाही खत्म होने के 15 दिन के भीतर यह जानकारी जमा करनी होगी।
वेबिनार में एजेंसियों के कर्मचारियों की ट्रेनिंग और प्रमाणपत्र से जुड़े नियमों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि एजेंसी के निदेशक, पार्टनर और रियल एस्टेट से जुड़े कर्मचारियों के लिए निर्धारित ट्रेनिंग और प्रमाणन की व्यवस्था पूरी करनी होगी। साथ ही 31 दिसंबर 2026 तक सभी मौजूदा कर्मचारियों को ट्रेनिंग और प्रमाणन के दायरे में लाना होगा। नए कर्मचारियों के लिए भी समय से यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
एजेंटों को समय पर अपनी जानकारी और रिटर्न जमा करने की सलाह दी गई। बताया गया कि हर तिमाही के बाद 15 दिन के भीतर रिटर्न जमा करना जरूरी है। देर होने पर 10 हजार रुपये लेट फीस देनी होगी। लगातार नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माने के साथ पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
वेबिनार के अंत में रियल एस्टेट एजेंटों के सवाल लिए गए और उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। इस दौरान एजेंटों से नियमों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से काम करने और ग्राहकों को सही जानकारी देने की अपील की।
कार्यक्रम में यूपी रेरा के प्रमुख सलाहकार अबरार अहमद , वित्त सलाहकार सुधांशु त्रिपाठी , रेवेन्यू रिकवरी ऑफिसर मीनाक्षी , एड सिस्टम अमरीश कुमार , सिस्टम एनालिस्ट गणेश मिश्रा, लीगल सलाहकार उमंग चौधरी तथा मीडिया सलाहकार प्रांजल दीक्षित सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।










































