उत्तर प्रदेश सरकार ने इजरायल में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए Multi-layered Support System तैयार किया है। हालांकि अभी स्थिति सामान्य है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जॉर्डन के रास्ते वापसी का विकल्प खुला रखा गया है।
वापसी की व्यवस्था (Return Assistance): भारतीय दूतावास की प्रथम सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने पुष्टि की है कि यदि कोई श्रमिक स्वेच्छा से भारत लौटना चाहता है, तो दूतावास उन्हें Jordan Route के माध्यम से सुरक्षित यात्रा में सहायता प्रदान करेगा। अब तक कुछ व्यापारियों और छात्रों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है, लेकिन श्रमिकों की ओर से ऐसी कोई बड़ी मांग नहीं आई है।
हेल्पलाइन और निगरानी (Monitoring & Support):
- Population & Immigration Authority: इजरायल की अथॉरिटी द्वारा संचालित कॉल सेंटर विभिन्न भाषाओं में भारतीय श्रमिकों की मदद कर रहा है।
- Regular Updates: प्रमुख सचिव श्रम हर 24 घंटे में स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं ताकि मिसाइल हमलों जैसी घटनाओं के बीच श्रमिकों का मनोबल बना रहे।
- Government’s Priority: योगी सरकार की प्राथमिकता यह है कि विदेश में रह रहे हर यूपी निवासी को यह महसूस हो कि उनकी सरकार संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
निष्कर्ष: इजरायल में समय-समय पर हवाई हमलों की खबरें आ रही हैं, लेकिन यूपी के श्रमिकों के लिए स्थापित Emergency Response तंत्र पूरी तरह सक्रिय है। सरकार और दूतावास मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मुख्य आकर्षण (Key Highlights):
- 6000 Workers: इजरायल में यूपी के करीब 6 हजार श्रमिक कार्यरत हैं।
- Embassy Coordination: राजदूत जेपी सिंह और प्रमुख सचिव डॉ. शन्मुगा सुंदरम के बीच नियमित वार्ता।
- No Panic: श्रमिकों की ओर से फिलहाल घर वापसी का कोई दबाव नहीं है।
- Safety Protocols: सभी श्रमिक इजरायली सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं।





































