सोमवार की दोपहर को शहर के एक कोचिंग संस्थान में अचानक भीषण आग भड़क उठी। यह आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते इसने पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर वहां मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में भारी दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए कई छात्रों ने आनन-फानन में बिल्डिंग से नीचे छलांग लगा दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन की जमीनी हकीकत इस दुखद घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें बचाव में जुट गईं। अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर कमरे की सघन तलाशी ली जा रही है। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत से धुएं का गुबार आसमान में उठने लगा था। एक पीड़ित ने फोन पर अपने पिता को बताया कि वह अंदर बुरी तरह फंस गया है। इस भयानक स्थिति में दमकलकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
मेडिकल टीम का बयान अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के अनुसार उनके पास कई हताहतों को लाया गया है। कुल पंद्रह मासूम बच्चों की इस हादसे में अत्यंत दुखद मृत्यु हो चुकी है। पांच घायल बच्चों को अस्पताल में तुरंत भर्ती कर लिया गया है। छत से कूदने वाले बच्चों का सीटी स्कैन करके उनका उचित उपचार किया जा रहा है। दस मृतकों के शवों को मॉर्चरी भेजने की प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
प्रशासन की सघन जांच हादसे की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि यह एक एनिमेशन सेंटर था जहां बच्चे पढ़ाई करने आते थे। अभी तक आग लगने के स्पष्ट कारणों का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है। सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही है। प्रशासन हर एक पहलू की बारीकी से जांच करके रिपोर्ट तैयार करने में जुटा हुआ है।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपना सारा कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि वे खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने आला अधिकारियों को मौके पर जाकर तुरंत विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अग्नि हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता इस भयानक अग्निकांड की गूंज राजधानी से लेकर केंद्र सरकार तक पहुंच चुकी है। देश के प्रधानमंत्री ने इस घटना पर अपना गहरा शोक और दुख जाहिर किया है। उन्होंने इस त्रासदी में अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट की है। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए प्रधानमंत्री की ओर से दो लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई है। पूरा प्रशासन और सरकार इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।





































