उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाइस जून का दिन एक बहुत ही बड़े और दर्दनाक हादसे का गवाह बना। अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में अचानक से बहुत ही भीषण आग लग गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना में कुल पंद्रह बेगुनाह लोगों की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई। प्रशासन ने अपनी त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी मृतकों के नामों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस भयानक अग्निकांड ने पूरे प्रदेश और देश की जनता को गहरे दुख में डुबो दिया है।
सीएम योगी ने किया निरीक्षण: राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भयानक घटना पर अपना बहुत गहरा दुख प्रकट किया है। इस दुर्घटना की खबर मिलते ही सीएम योगी खुद हालात का जायजा लेने के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद वह सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय भी गए। वहां उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में घायल हुए सभी लोगों और उनके दुखी परिजनों से निजी तौर पर मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में मौजूद सभी वरिष्ठ चिकित्सकों से घायलों के चल रहे उपचार के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त की।
सात दिन में एसआईटी देगी रिपोर्ट: मुख्यमंत्री ने इस पूरे अग्निकांड की बहुत ही गहराई से जांच करवाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उनके स्पष्ट निर्देश पर इस मामले की सघन जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का तुरंत गठन किया गया है। यह विशेष जांच दल इस घटना के हर तकनीकी और प्रशासनिक पहलू की बारीकी से जांच करेगा। प्रशासन ने इस जांच दल को मात्र सात दिन के अंदर अपनी पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है। इस विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही भविष्य में आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घायलों के इलाज पर है प्राथमिकता: सरकार ने यह पूरी तरह से साफ कर दिया है कि घायलों का इलाज उनकी सबसे बड़ी और पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी घायलों का समुचित उपचार बहुत ही कुशल चिकित्सकों के नेतृत्व में लगातार किया जा रहा है। सरकार इस हृदय विदारक दुर्घटना में अपनों को खोने वाले सभी दुखी परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। सीएम योगी ने कहा कि इस दर्दनाक घटना से उपजे गहरे दुख को किन्हीं भी शब्दों में आसानी से व्यक्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं की शांति और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की है।
मुआवजे का किया गया है ऐलान: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लखनऊ में हुए इस भीषण अग्निकांड पर अपना गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी और सीएम योगी दोनों ने ही पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए बड़े मुआवजे का ऐलान किया है। इस भयंकर दुर्घटना में असमय काल के गाल में समा गए लोगों के दुखी परिजनों को यह नकद सहायता राशि दी जाएगी। सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को बिना किसी देरी के इस आर्थिक मदद को पीड़ितों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह सरकारी सहायता राशि उन परिवारों के लिए एक छोटे से सहारे के रूप में काम करेगी जिन्होंने अपने लोगों को हमेशा के लिए खोया है।
पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद: राज्य सरकार द्वारा घोषित इस राहत पैकेज के तहत मृतकों और घायलों के लिए अलग-अलग राशि तय की गई है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सभी मृतकों के परिजनों को तत्काल पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, जो लोग इस आग में बहुत गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें भी पचास-पचास हजार रुपये की नकद राशि दी जाएगी। प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस बात का ध्यान रख रहा है कि कोई भी पीड़ित परिवार इस सरकारी मदद से वंचित न रहे। सरकार का यह कदम इस मुश्किल वक्त में दुखी जनता के साथ मजबूती से खड़े रहने का एक बड़ा संदेश देता है।





































