सोमवार को Pilibhit के अपने दौरे पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 569 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कुल 66 विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करके क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत प्रदान की है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि आधारभूत संरचना का विकास ही राज्य के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का मार्ग है। स्थानीय निवासियों ने इन परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर की है। सीएम ने विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखने का संकल्प भी जनता के समक्ष दोहराया है।
साइकिल का पंक्चर होना: मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर कड़ा कटाक्ष किया और कहा कि जनता ने उनकी साइकिल को पंक्चर कर दिया है। सीएम ने कहा कि यदि यह साइकिल फिर से चल पड़ी तो राज्य में दंगे और कर्फ्यू का दौर लौटेगा। उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की सरकार दंगाइयों को बुलाकर उनका हवाई जहाज से सम्मान करती थी। आज उत्तर प्रदेश में नो दंगा, नो कर्फ्यू की स्थिति है और सब चंगा चल रहा है। सरकार प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से सजग और प्रतिबद्ध बनी हुई है।
कांग्रेस की विभाजनकारी नीति: कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि विभाजन के समय की गलतियों के लिए कांग्रेस आज भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि उस समय यदि तत्कालीन नेतृत्व में दृढ़ इच्छाशक्ति होती तो भारत का बंटवारा नहीं होता। लाखों निर्दोष हिंदुओं का जो कत्लेआम हुआ, उसे रोकने में कांग्रेस पूरी तरह से असफल साबित हुई थी। देश के विभाजन को सत्ता की भूख का परिणाम बताते हुए उन्होंने कांग्रेस के इतिहास पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उस समय किसी ने भी सिखों, जैनियों और बौद्धों के हितों की कोई परवाह नहीं की थी।
अखिलेश यादव की कार्यशैली: सीएम योगी ने अखिलेश यादव की जीवनशैली और राजनीति के प्रति उनकी गंभीरता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के पास दलितों और वंचितों के कल्याण के बारे में सोचने के लिए कोई समय नहीं है। उनके लिए तो विकास का एकमात्र मतलब केवल सैफई का ही विकास करना रहा है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव के पास गरीबों की समस्याओं के लिए बिल्कुल भी समय नहीं होता। वे अपनी दिनचर्या में ही व्यस्त रहते हैं जबकि जनता अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होती रहती है।
तुष्टिकरण की राजनीति: योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का खुला आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को सत्ता प्राप्ति के लिए देश की कीमत पर राजनीति करने से कोई गुरेज नहीं था। हिंदू, सिख, जैन और बौद्धों के कत्लेआम की कीमत पर भी ये सत्ता के लालची रहे हैं। देश के हितों को दरकिनार करना इनकी पुरानी परंपरा रही है जिसे ये आज भी निभा रहे हैं। जनता अब इनके असली चेहरे को पहचान चुकी है और इन्हें विकास की राजनीति को अपनाने की सलाह दी जा रही है।
सख्त शब्दों का प्रयोग: विपक्ष पर हमलावर होते हुए मुख्यमंत्री ने बेहद कड़े और तल्ख शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोगों को बेशर्मी से मर जाना चाहिए। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें उन्होंने तुष्टिकरण पर प्रहार किया है। जनता के विकास के बजाय अपनी राजनीति को प्राथमिकता देने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री का यह संबोधन विपक्ष को घेरने और सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के उद्देश्य से दिया गया था।





































