देहरादून में आज युवा अग्निवीर संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जब सीएम धामी से उनकी सरकार के पांच सबसे बड़े कामों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया कि उनकी सरकार ने पांच नहीं बल्कि सैकड़ों ऐतिहासिक काम किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। सीएम धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश का पहला राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया है, साथ ही राज्य में 34 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी नीतियां
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में बोलते हुए महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की माताएं और बहनें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कई बेहतरीन स्थानीय उत्पाद बना रही हैं, जिन्हें सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाली राज्य की महिलाओं को केंद्र की उज्ज्वला योजना और हर घर शौचालय जैसी योजनाओं से बड़ी राहत मिली है। सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चौतरफा काम कर रही है।
पलायन पर रोक और निरंतर विकास का संकल्प
राज्य की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक ‘पलायन’ का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने एक सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा किया। उन्होंने गर्व से कहा कि सरकार की रोजगारपरक नीतियों के कारण अब उत्तराखंड के युवा पलायन करने के बजाय वापस अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास की यह रफ्तार यहीं थमने वाली नहीं है। यह एक अनवरत प्रक्रिया है और जब तक विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक नहीं पहुंच जाता, तब तक सरकार का प्रयास और सेवा कार्य जारी रहेगा।
देवभूमि से सनातन का जयघोष और विपक्ष पर प्रहार
खुद को ‘सनातनी सीएम’ कहे जाने वाले सवाल पर पुष्कर सिंह धामी ने बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वह देवभूमि उत्तराखंड के मुख्य सेवक हैं और अगर देवभूमि से सनातन का जयघोष नहीं होगा तो भला कहां से होगा? उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि विशेष वर्ग का वोट पाने के लिए कुछ लोगों ने सनातन को मलेरिया, डेंगू और वायरल जैसी बीमारियों से कम्पेयर किया, लेकिन हकीकत यह है कि सनातन कोई अस्थायी व्यवस्था नहीं बल्कि हमारी सदियों पुरानी जीवन पद्धति है, जो हमेशा अजर-अमर रहेगी।
सोशल मीडिया के सदुपयोग और भ्रामक खबरों पर चिंता
अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने आधुनिक युग में सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने माना कि आज सोशल मीडिया एक ऐसा सशक्त माध्यम बन चुका है जिसके जरिए एक सामान्य व्यक्ति भी अपनी आवाज पूरी दुनिया तक पहुंचा सकता है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने इसके दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग महज चंद ‘व्यूज’ और ‘लाइक्स’ पाने के लिए हकीकत से दूर भ्रामक और झूठी बातें फैला देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसी भ्रामक जानकारियों से बचें और समाज में सकारात्मकता फैलाने का काम करें।















































