France की हेल्थ एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक Paris इलाके पर गर्मी का सबसे बुरा असर पड़ा है। इस इलाके में हीटवेव के कारण 1,999 ऐसी मौतें हुईं जिनकी पहले से कोई उम्मीद नहीं थी। यह डरावनी संख्या सामान्य स्थिति में होने वाली मौतों के अनुमान से लगभग 80 प्रतिशत ज्यादा है। इस भयंकर गर्मी ने राजधानी के लोगों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता काफी बढ़ गई है।
मुर्दाघरों में जगह की भारी कमी राजधानी Paris में अचानक हुई मौतों के कारण अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने वालों को भारी परेशानी हुई। व्यवस्थापकों ने बताया कि उन्हें शवों को दफनाने या जलाने से पहले सुरक्षित रखने की जगह खोजने में बहुत मुश्किल हुई। हालात इतने खराब हो गए कि शहर के कुछ मुर्दाघरों ने नए शवों को रखने से साफ मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके मुर्दाघर पूरी तरह से भरे हुए थे और उन्हें शव वापस लौटाने पड़े। इस दुखद स्थिति ने हीटवेव से मची तबाही की गंभीरता को और भी ज्यादा बढ़ा दिया।
अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार मरने वाले 21,600 से ज्यादा लोगों में से लगभग आधे लोगों की मौत अस्पतालों में हुई। इन अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बहुत तेजी से बढ़ रही थी। इतनी बड़ी संख्या में आए मरीजों से निपटना वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ के लिए बेहद मुश्किल हो रहा था। स्वास्थ्य सेवाएं इस अचानक आए बोझ के कारण पूरी तरह से चरमरा गई थीं। गंभीर रूप से बीमार लोगों को बचाने के सारे चिकित्सकीय प्रयास पूरी तरह से नाकाफी साबित हो रहे थे।
घरों और केयर होम में मौतें अस्पतालों के अलावा भारी संख्या में लोगों ने अपने घरों में भी इस गर्मी के कारण दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के मुताबिक कुल मौतों में से लगभग एक-तिहाई लोगों की जान उनके अपने घर पर ही गई। बाकी बची हुई मौतें ज्यादातर बुजुर्गों के लिए बने केयर होम में आधिकारिक रूप से दर्ज की गईं। इससे यह साफ होता है कि बुजुर्ग आबादी इस भीषण हीटवेव के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील थी। घर के अंदर रहने के बावजूद यह लोग इस भयंकर तापमान के जानलेवा असर से खुद को नहीं बचा पाए।
मौतों के अनुमान में बड़ा बदलाव एजेंसी द्वारा जारी की गई मौतों की यह नई संख्या शुरुआती आंकड़ों की तुलना में काफी ज्यादा है। एजेंसी ने पहले बताया था कि 22 जून से 28 जून के हफ्ते में लगभग 2,000 अतिरिक्त मौतें हुई थीं। यह वह समय था जब देश में हीटवेव अपने चरम पर थी और तापमान के सारे रिकॉर्ड टूट गए थे। हालांकि बाद में किए गए विश्लेषण से पता चला कि मरने वालों की असली संख्या अनुमान से कहीं अधिक थी। इसी आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने अपने पुराने अनुमानों को सुधारते हुए यह नए और खौफनाक आंकड़े पेश किए हैं।
भविष्य में आंकड़ों का नया अपडेट पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मौतों की यह नई अनुमानित संख्या भी अंतिम आंकड़ा नहीं है। साल के आखिर में जब सभी विभागों से पूरी और विस्तृत जानकारी मिल जाएगी तब इसे फिर से अपडेट किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गर्मी से हुई हर एक मौत का सही तरीके से अंतिम रिकॉर्ड रखा जाए। फिलहाल Europe के कई अन्य हिस्सों में भी गर्मी और तापमान के पुराने रिकॉर्ड पूरी तरह टूट चुके हैं। शुरुआती आंकड़ों से काफी ज्यादा आई यह मौतों की संख्या इस प्राकृतिक आपदा की असली भयानकता को दर्शाती है।


























































