ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका की तरफ से ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर एयरस्ट्राइक की लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इन अमेरिकी धमकियों के सामने आने के बाद अब ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने इन धमकियों का कड़ा संज्ञान लेते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने अमेरिका को किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ बहुत ही सख्त चेतावनी दे दी है।
बुनियादी ढांचे की सुरक्षा ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में देश के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ किसी भी प्रकार की आक्रामकता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर अमेरिका ने ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी तरह का हमला किया, तो उसका परिणाम भुगतना होगा। अरागची ने दुनिया को बता दिया है कि इस तरह के किसी भी दुस्साहस का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान अपनी रक्षा के लिए हर मुमकिन और जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
हमले में शामिल लोगों पर निशाना विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने अपनी इस चेतावनी के दायरे को और भी अधिक व्यापक बना दिया है। उन्होंने कहा है कि जवाबी कार्रवाई केवल हमला करने वाले मुख्य देश तक ही सीमित नहीं रहेगी। इस संभावित अमेरिकी हमले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने वाले अन्य लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा। ईरान उन सभी मददगारों और सहयोगियों को भी अपने कड़े जवाब का सीधा निशाना बनाएगा। इस कड़े रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान इस मुद्दे पर कोई भी समझौता करने के मूड में नहीं है।
हूती विद्रोहियों का बड़ा ऐलान ईरान और अमेरिका के इस सीधे टकराव के बीच क्षेत्रीय समीकरण भी काफी तेजी से बदल रहे हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल में हूती विद्रोहियों ने भी एक बहुत ही बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह अहम फैसला सीधे तौर पर ईरान के इशारे पर ही लिया गया है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जहाजों के लिए लाल सागर के एक प्रमुख समुद्री रास्ते को बंद करने की घोषणा की है। इस अप्रत्याशित फैसले ने पूरे मध्य पूर्व में एक नई और बड़ी रणनीतिक चिंता को जन्म दे दिया है।
बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर रोक हूती विद्रोहियों ने जिस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को बंद करने का ऐलान किया है, वह बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य है। इस संकरे समुद्री रास्ते से गुजरने वाले सऊदी अरब के व्यापारिक जहाजों को अब विद्रोहियों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है। यह जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रास्तों में से एक माना जाता है। इस रणनीतिक रास्ते के बंद होने से समुद्री परिवहन में भारी बाधा उत्पन्न होने की पूरी आशंका है। दुनिया भर के कई देश इस जलडमरूमध्य का उपयोग अपने माल को सुरक्षित लाने और ले जाने के लिए करते हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य का अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक बहुत ही अहम और बड़ा योगदान है। आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर का लगभग बारह प्रतिशत समुद्री व्यापार इसी छोटे से रास्ते से होकर गुजरता है। अगर यह जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से कई देशों की इकोनॉमी पर इसके गंभीर परिणाम साफ रूप से दिख सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी भारी उछाल आने की प्रबल संभावना है।


























































