घाघरा के बढ़े जलस्तर से सुजौली-जंगल गुलरिया के काफी मजरे प्रभावित, एडीएम और एसडीएम मिहीपुरवा ने किया संयुक्त निरीक्षण
*मिहींपुरवा (मोतीपुर)। घाघरा नदी के बढ़े जलस्तर से तहसील मिहींपुरवा के सुजौली क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सोमवार को उप जिलाधिकारी मिहींपुरवा मोनालिसा जौहरी व अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार बहराइच ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का हालचाल लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। सुजौली के पांच मजरे तथा जंगल गुलरिया के मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित गांवों की कुल आबादी करीब 6277 है। राहत की बात यह है कि फिलहाल आबादी क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जबकि कृषि क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ है। बाढ़ की सूचना मिलते ही संवेदनशील एसडीएम मोनालिसा जौहरी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सोमवार को निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं पानी में उतरकर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पल-पल की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।एसडीएम की संवेदनशीलता और सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह केवल कार्यालय स्तर से निगरानी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर स्वयं प्रत्येक परिस्थिति का जायजा लेती रहीं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल टीम को भी साथ लेकर पहुंचीं एसडीएम बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के स्वास्थ्य को लेकर भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। एसडीएम मोनालिसा जौहरी मेडिकल टीम को साथ लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचीं, ताकि ग्रामीणों के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।राहत केंद्र, बाढ़ चौकी और कम्युनिटी किचन सक्रियबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए एक बाढ़ चौकी, एक राहत केंद्र तथा दो कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम एवं एडीएम ने कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया, जो संचालित पाया गया। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए लंच पैकेट का वितरण भी कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य के लिए पीएसी की एक टीम भी लगाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जाए। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। लगभग छ: हजार खाद्य पैकेट तैयार कर उनके वितरण की व्यवस्था कराई गई है। इसके अलावा बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री के लिए परेशान न होना पड़े। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत सामग्री का वितरण जरूरतमंद परिवारों तक समय से और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाए। किसी भी परिवार के सामने भोजन अथवा आवश्यक सहायता का संकट नहीं आना चाहिए।*पल-पल की स्थिति पर प्रशासन की नजर*घाघरा नदी के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। एसडीएम मोनालिसा जौहरी स्वयं मौके की स्थिति की जानकारी ले रही हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही हैं।बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एसडीएम की सक्रिय मौजूदगी, मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचना और स्वयं पानी में उतरकर ग्रामीणों की स्थिति का जायजा लेना प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।












































