हिन्दू धर्म में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला कजरी तीज (जिसे कज्जली तीज या सातुड़ी तीज भी कहा जाता है) का त्यौहार सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। यह त्यौहार मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं और अविवाहित कन्याओं द्वारा मनाया जाता है। भगवान शिव और जगत जननी माता पार्वती को समर्पित यह व्रत अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु, सुखी दांपत्य जीवन और मनचाहा वर प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। कजरी तीज के इस पावन पर्व की सही तिथि, पूजन के शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, चंद्रोदय का समय, पूजा विधि और संपूर्ण पूजा सामग्री की विस्तृत सूची नीचे दी गई है।
1. कजरी तीज तिथि एवं पंचांग (Date & Panchang Details)
कजरी तीज का व्रत भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। उदयातिथि के नियम अनुसार इस वर्ष कजरी तीज की तिथियां इस प्रकार हैं:
- तृतीया तिथि का प्रारंभ: 30 अगस्त 2026 को सुबह 09:36 बजे से
- तृतीया तिथि का समापन: 31 अगस्त 2026 को सुबह 08:50 बजे तक
- मुख्य पर्व तिथि (उदयातिथि अनुसार): 31 अगस्त 2026 (सोमवार)
2. पूजा के शुभ मुहूर्त (Auspicious Puja Timings)
31 अगस्त 2026 को कजरी तीज की पूजा और अनुष्ठान के लिए निम्नलिखित शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:51 AM से 05:37 AM तक (प्रातः स्नान व संकल्प के लिए उत्तम)
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:14 PM से 01:04 PM तक
- संध्या काल (प्रदोष) मुहूर्त: शाम 06:54 PM से रात 08:03 PM तक
3. कजरी तीज दिन के चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Timings)
दिन के समय पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ चौघड़िया का समय निम्नवत रहेगा:
- अमृत चौघड़िया (प्रातः): सुबह 05:58 AM से 07:34 AM तक
- शुभ चौघड़िया (पूर्वाह्न): सुबह 09:10 AM से 10:45 AM तक
- लाभ चौघड़िया (अपराह्न): दोपहर 03:33 PM से शाम 05:08 PM तक
- अमृत चौघड़िया (सायंकाल): शाम 05:08 PM से 06:44 PM तक
- सूर्यास्त का समय: शाम 06:44 PM
4. चंद्रोदय समय एवं अर्घ्य विधि (Chandrodaya Time & Arghya Vidhi)
कजरी तीज का व्रत बिना चंद्रमा के पूजन और अर्घ्य के पूर्ण नहीं माना जाता है। सुहागिन महिलाएं चंद्र देव के दर्शन के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं।
- चंद्रोदय का समय (31 अगस्त 2026): रात 08:25 PM
चन्द्र अर्घ्य एवं पारण विधि:
- चंद्रोदय होने पर स्वच्छ जल के पात्र में थोड़ा सा गाय का कच्चा दूध, रोली (कुमकुम) और अक्षत (चावल) मिलाएं।
- चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें।
- इसके बाद कजरी तीज की प्रामाणिक व्रत कथा का पाठ करें या श्रवण करें।
- कथा और आरती संपन्न होने के उपरांत ही व्रत का पारण (व्रत खोलना) करें।
5. कजरी तीज संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट (Complete Puja Samagri List)
पूजा की तैयारी के लिए आवश्यक सभी सामग्रियों की सूची निम्नलिखित है:
प्राथमिक पूजन सामग्री:
- शुद्ध घी, गाय का दूध, दही, मिश्री, शहद, पंचामृत
- गंगाजल, चंदन, हल्दी, रोली, अक्षत (अखंडित चावल)
- दीपक, तेल, कपूर, अगरबत्ती, धूपबत्ती
- पीला वस्त्र (भगवान शिव/गणेश जी हेतु), नया वस्त्र, कच्चा सूत
पत्र-पुष्प व प्राकृतिक सामग्री:
- केले के पत्ते (मंडप/पूजा स्थान सजाने हेतु)
- बेलपत्र, शमी के पत्ते, भांग, धतूरा, दूर्वा घास, ताजे फूल
कलश एवं अन्य सामान:
- तांबे/मिट्टी का कलश, जटा वाला नारियल, श्रीफल, सुपारी, जनेऊ
माता पार्वती के लिए सुहाग सामग्री (सोलह श्रृंगार):
- लाल या हरे रंग की साड़ी एवं चुनरी
- सिंदूर, कुमकुम, बिंदी, चूड़ियां (लाल/हरी)
- मेहंदी, कंघा, बिछुआ, काजल, इत्र एवं अन्य श्रृंगार सामान














































