इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की थी। बिश्केक में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों देश के शीर्ष नेता आपस में बेहद गर्मजोशी के साथ मिले और एक दूसरे के गले लगे। आपसी गर्मजोशी दिखाने के बाद दोनों नेता एक ही कार में बैठकर नोमैड गेम्स में शिरकत करने के लिए रवाना हो गए। पिछले नौ महीने के समयांतराल में दोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह दूसरी व्यक्तिगत और आमने-सामने की मुलाकात थी।
युद्ध रोकने का संदेश: इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से एक बार फिर यूक्रेन जंग रोकने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान साफ शब्दों में पुतिन से Endless War की जगह End of War के बारे में सोचने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय से चला आ रहा यह युद्ध किसी भी देश के हित में नहीं है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्थिरता के लिए इस संघर्ष को जल्द से जल्द विराम दिया जाना चाहिए।
शांतिका मार्ग बातचीत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत में दो टूक लफ्जों में कहा कि आर्थिक विकास तभी संभव होगा जब दुनिया में शांति कायम होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति का रास्ता कभी भी बम और बंदूक से नहीं निकलता, बल्कि इसका समाधान सिर्फ बातचीत से ही संभव है। दुनिया में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों और संवाद को ही एकमात्र प्रभावी जरिया माना जाना चाहिए। हिंसा और संघर्ष से किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता, इसलिए बातचीत का रास्ता अपनाना होगा।
ब्रिक्स सम्मेलन का न्योता: अपनी इस महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को एक खास अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का न्योता भी दिया। पीएम मोदी ने पुतिन को इसी महीने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। नई दिल्ली में होने वाला यह BRICS सम्मेलन वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा का एक बड़ा मंच बनने जा रहा है। पुतिन ने इस न्योते को स्वीकार करते हुए सम्मेलन के प्रति अपनी सकारात्मक रुचि दिखाई।
उज्बेकिस्तान का पिछला दौरा: बिश्केक सम्मेलन में शामिल होने से पहले पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान का दो दिवसीय दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया था। वह 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद की आधिकारिक यात्रा पर रहे, जहां कई बैठकों का आयोजन हुआ था। ताशकंद में पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर गहन चर्चा की थी। इस सफल यात्रा के बाद ही वह किर्गिस्तान में आयोजित SCO सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे थे।
किर्गिस्तान यात्रा और SCO: ताशकंद का दौरा खत्म कर पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक के प्रवास पर रहे। बिश्केक में उन्होंने 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लिया और दुनिया के कई प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकातें कीं। इस दौरान उन्होंने भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण और वैश्विक शांति के महत्व को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। 1 सितंबर को बिश्केक में सम्मेलन के समापन के साथ ही उनका यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विदेश दौरा पूरा हुआ।















































