01 सितंबर 2026, दिन मंगलवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 07:42 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात पंचमी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। आज के दिन का विशेष धार्मिक महत्व है क्योंकि आज ‘रक्षा पंचमी’ (जिसे रेखा पंचमी या शांति पंचमी भी कहा जाता है) मनाई जा रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भाई-बहन किसी कारणवश रक्षाबंधन के दिन एक-दूसरे को रक्षासूत्र या राखी नहीं बांध सके थे, वे आज रक्षा पंचमी के पावन अवसर पर राखी बांधकर इस पर्व का पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं।
1. आज का मुख्य पंचांग एवं ग्रह स्थिति (01 सितंबर 2026)
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
- शक संवत: 1948 (पराभव)
- मास: भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत)
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: चतुर्थी तिथि सुबह 07:42 बजे तक, तत्पश्चात पंचमी तिथि
- नक्षत्र: अश्विनी नक्षत्र देर रात 02:43 बजे (02 सितंबर तड़के) तक, इसके बाद भरणी नक्षत्र
- योग: वृद्धि योग रात्रि 11:39 बजे तक, तत्पश्चात ध्रुव योग
- करण: बालव सुबह 07:41 बजे तक, तत्पश्चात कौलव शाम 07:00 बजे तक
- सूर्योदय: सुबह 05:58 बजे (स्थान भेद से 06:12 AM तक)
- सूर्यास्त: शाम 06:40 बजे से 06:42 बजे तक
- चन्द्रोदय: रात्रि 09:14 बजे
- चन्द्रास्त: अगले दिन सुबह 10:50 बजे (02 सितंबर)
2. शुभ एवं पावन मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज मंगलवार को कई अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें किए गए कार्य सफल सिद्ध होते हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:51 बजे से 05:37 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:14 बजे से 06:23 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से 12:46 बजे (तथा 12:13 PM से 01:03 PM) तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:17 बजे से 03:09 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:53 बजे से 07:16 बजे तक
- अमृत काल: शाम 04:12 बजे से 05:45 बजे (तथा रात्रि 07:42 PM से 09:15 PM) तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:23 बजे से देर रात 02:42 बजे (02 सितंबर) तक
- अमृत सिद्धि योग: सुबह 06:23 बजे से देर रात 02:42 बजे (02 सितंबर) तक
3. अशुभ समय एवं वर्जित काल (Inauspicious Timings)
शुभ कार्यों की शुरुआत से पहले अशुभ समय का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है:
- दुर्मुहूर्त: सुबह 08:42 बजे से 09:32 बजे तक
- यमगण्ड काल: सुबह 09:10 बजे से 10:45 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:20 बजे से 01:55 बजे तक
- दिशाशूल: उत्तर दिशा (आज उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें या परहेज करें)
4. भारत के प्रमुख शहरों एवं राज्यों की राजधानियों में राहुकाल का समय
शास्त्रों में राहुकाल के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना गया है। सूर्योदय के समय में भिन्नता के कारण देश के अलग-अलग शहरों और राज्यों में राहुकाल के समय में थोड़ा अंतर होता है। नीचे भारत के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 01 सितंबर 2026 के राहुकाल की विस्तृत सूची दी गई है:
राज्य एवं उनकी राजधानियाँ
| राज्य | राजधानी | अनुमानित राहुकाल (01 सितंबर 2026) |
| अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 02:15 PM से शाम 03:50 PM |
| असम | दिसपुर / गुवाहाटी | दोपहर 02:25 PM से शाम 04:00 PM |
| आंध्र प्रदेश | अमरावती | दोपहर 03:05 PM से शाम 04:38 PM |
| बिहार | पटना | दोपहर 02:55 PM से शाम 04:30 PM |
| छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 03:10 PM से शाम 04:43 PM |
| गोवा | पणजी | दोपहर 03:35 PM से शाम 05:07 PM |
| गुजरात | गांधीनगर | दोपहर 03:50 PM से शाम 05:24 PM |
| हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 03:33 PM से शाम 05:08 PM |
| हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 03:32 PM से शाम 05:08 PM |
| झारखंड | रांची | दोपहर 02:58 PM से शाम 04:32 PM |
| कर्नाटक | बेंगलुरु | दोपहर 03:22 PM से शाम 04:54 PM |
| केरल | तिरुवनंतपुरम | दोपहर 03:23 PM से शाम 04:55 PM |
| मध्य प्रदेश | भोपाल | दोपहर 03:32 PM से शाम 05:06 PM |
| महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 03:47 PM से शाम 05:20 PM |
| मणिपुर | इंफाल | दोपहर 02:16 PM से शाम 03:50 PM |
| मेघालय | शिलॉन्ग | दोपहर 02:26 PM से शाम 04:01 PM |
| मिजोरम | आइजोल | दोपहर 02:20 PM से शाम 03:54 PM |
| नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 02:17 PM से शाम 03:51 PM |
| ओडिशा | भुवनेश्वर | दोपहर 02:50 PM से शाम 04:23 PM |
| पंजाब | चंडीगढ़ | दोपहर 03:33 PM से शाम 05:08 PM |
| राजस्थान | जयपुर | दोपहर 03:42 PM से शाम 05:17 PM |
| सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 02:39 PM से शाम 04:14 PM |
| तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 03:12 PM से शाम 04:44 PM |
| तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 03:17 PM से शाम 04:50 PM |
| त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 02:25 PM से शाम 03:59 PM |
| उत्तर प्रदेश | लखनऊ | दोपहर 03:18 PM से शाम 04:53 PM |
| उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 03:30 PM से शाम 05:05 PM |
| पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 02:44 PM से शाम 04:18 PM |
केंद्र शासित प्रदेश (UTs)
| केंद्र शासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | अनुमानित राहुकाल (01 सितंबर 2026) |
| दिल्ली | नई दिल्ली | दोपहर 03:32 PM से शाम 05:07 PM |
| जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | दोपहर 03:39 PM से शाम 05:16 PM |
| लद्दाख | लेह | दोपहर 03:31 PM से शाम 05:08 PM |
| पुडुचेरी | पुडुचेरी | दोपहर 03:13 PM से शाम 04:45 PM |
| अंडमान और निकोबार | पोर्ट ब्लेयर | दोपहर 02:34 PM से शाम 04:04 PM |
| चंडीगढ़ | चंडीगढ़ | दोपहर 03:33 PM से शाम 05:08 PM |
| दादरा और नगर हवेली एवं दमन-दीव | सिलवासा | दोपहर 03:47 PM से शाम 05:20 PM |
| लक्षद्वीप | कवारत्ती | दोपहर 03:34 PM से शाम 05:06 PM |
5. रक्षा पंचमी का विशेष महत्व
रक्षा पंचमी का त्योहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। चूंकि आज सुबह 07:42 बजे के बाद पंचमी तिथि शुरू हो रही है, इसलिए यह पावन पर्व आज ही मनाया जाएगा।
इसे शांति पंचमी या रेखा पंचमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्री गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। यदि कोई भाई रक्षाबंधन के दिन किसी कारणवश राखी नहीं बंधवा पाया हो, तो आज के दिन रक्षासूत्र बंधवाने से रक्षाबंधन के समान ही सुख, समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।













































