सितंबर 2026 की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत हलचल भरी और महत्वपूर्ण होने जा रही है। महीने की शुरुआत में ही ‘नवपंचम योग’ और ‘लाभ दृष्टि योग’ जैसे दो बड़े शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। गुरु और शनि के एक-दूसरे से 5वें और 9वें भाव में रहने से नवपंचम योग बनेगा, वहीं बुध और मंगल के 60 डिग्री पर होने से लाभ दृष्टि योग का निर्माण होगा।
इसके अतिरिक्त, इस पूरे महीने में चार प्रमुख ग्रह—शुक्र, बुध, सूर्य और मंगल अपनी राशियां बदलने जा रहे हैं। ग्रहों का यह बड़ा फेरबदल न केवल सभी 12 राशियों के करियर, व्यापार और आर्थिक जीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि देश-दुनिया की राजनीति, मौसम और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गहरा असर डालेगा।
1. सितंबर की शुरुआत में बनने वाले शुभ योग और भाग्यशाली राशियां
1 सितंबर को बनने वाले नवपंचम और लाभ दृष्टि योग के प्रभाव से 3 विशिष्ट राशियों को जबरदस्त लाभ मिलने के योग बन रहे हैं:
- कर्क राशि (Cancer): गुरु आपकी ही राशि में विराजमान हैं और शनि के साथ उनका नवपंचम योग बन रहा है। अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे, नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति और कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बिजनेस में अच्छा मुनाफा होगा और नौकरी बदलने के लिए समय अनुकूल है।
- तुला राशि (Libra): ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में बनी रहेगी। करियर में मेहनत का फल मिलेगा और सफलता की नई राहें खुलेंगी। नए जॉब ऑफर्स मिल सकते हैं, प्रमोशन की संभावना है और आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
- मीन राशि (Pisces): साढ़ेसाती के बावजूद सितंबर की शुरुआत आपके लिए शानदार रहेगी। शिक्षा, बौद्धिक कार्यों और करियर में सफलता मिलेगी। पुराने निवेश से बढ़िया रिटर्न प्राप्त होगा, बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और व्यापारियों की कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है।
जरूरी सलाह (इन 3 राशियों के लिए): 1 सितंबर को ग्रहों के कुछ चुनौतीपूर्ण कोण भी बन रहे हैं, इसलिए कोई भी काम जल्दबाजी में न करें और बड़ा वित्तीय फैसला पूरी सूझ-बूझ से लें।
2. सितंबर 2026 के 5 प्रमुख ग्रह गोचर
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के अनुसार, सितंबर में ग्रहों की चाल इस प्रकार रहेगी:
- शुक्र का तुला राशि में गोचर (02 सितंबर): सुख और भोग-विलास के कारक शुक्र अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे। इससे दांपत्य जीवन और लव लाइफ में नई ऊर्जा और मधुरता आएगी।
- शुभ राशि: मेष, वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु, मकर
- अशुभ राशि: कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ, मीन
- बुध का कन्या राशि में गोचर (07 सितंबर): ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी उच्च राशि कन्या में जाएंगे, जिससे व्यापार, नौकरी और वित्तीय क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे।
- शुभ राशि: वृष, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर
- अशुभ राशि: मेष, मिथुन, कर्क, धनु, कुंभ, मीन
- सूर्य का कन्या राशि में गोचर (17 सितंबर – सूर्य संक्रांति): सूर्य अपने मित्र की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे, जिससे रुके हुए प्रोजेक्ट्स गति पकड़ेंगे और पुराने सौदों से धन लाभ होगा।
- शुभ राशि: वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, कुंभ
- अशुभ राशि: मेष, वृश्चिक, धनु, मकर, मीन
- मंगल का कर्क राशि में गोचर (18 सितंबर): पराक्रम और भूमि के कारक मंगल अपनी नीच राशि कर्क में गोचर करेंगे। इसके बावजूद जातकों के साहस में वृद्धि होगी और भाग्य का सहयोग मिलेगा।
- शुभ राशि: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ, मीन
- अशुभ राशि: वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु, मकर
- बुध का तुला राशि में गोचर (26 सितंबर): बुध पुनः राशि बदलकर तुला में प्रवेश करेंगे, जिससे संवाद शैली में निखार, विचारों में स्पष्टता और कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलेगी।
3. देश-दुनिया, राजनीति और पर्यावरण पर प्रभाव
- आर्थिक व रोजगार क्षेत्र: बाजार में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
- मौसम व प्राकृतिक आपदाएं: देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन, तूफान, भूकंप तथा वाहन या खदान दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है।
- राजनीति: प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव, फैसलों में कड़ाई और राजनीतिक उठापटक या संघर्ष देखने को मिल सकते हैं।
4. ग्रह शांति एवं शुभता बढ़ाने के सरल उपाय
ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने और जीवन में शुभता लाने के लिए निम्नलिखित उपाय करें:
- भगवान शिव, माता दुर्गा और हनुमान जी की नियमित पूजा-अर्चना करें।
- प्रतिदिन सुबह-शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘हं हनुमते नमः’ या ‘हं पवननंदनाय स्वाहा’ मंत्र का निरंतर जप करें।
- प्रत्येक मंगलवार शाम 7 बजे के बाद हनुमान मंदिर में लाल मसूर की दाल, पान के पत्ते और 2 बूंदी के लड्डू अर्पित करें।
- दुर्गा सप्तशती और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना विशेष फलदायी रहेगा।













































