Suichuan County में भूस्खलन: ईस्टर्न चीन में ट्रॉपिकल साइक्लोन Saudel के प्रभाव से हुई भारी बारिश के बाद जियांग्शी प्रांत के सुइचुआन काउंटी में बड़ा लैंडस्लाइड हुआ। शनिवार सुबह सुइचुआन काउंटी के एक गांव का हिस्सा बह गया, जिसमें लगभग 12 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में कम से कम 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन द्वारा घटना के तुरंत बाद प्रभावित इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहत: मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चलाए गए बचाव अभियान के दौरान दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया, जो पूरी तरह ठीक हैं। वहीं मलबे से निकाले गए एक अन्य व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया। रविवार सुबह बचावकर्मियों ने एक और लापता व्यक्ति का शव बरामद किया, जिससे मृतकों की संख्या 2 हो गई। इससे पहले नेपाल में भी भयानक लैंडस्लाइड की घटना सामने आई थी, जिससे नदी का बहाव आंशिक रूप से बाधित हुआ था।
तूफान का तटीय प्रभाव: चक्रवात सौडेल ने 28 अगस्त को झेजियांग प्रांत में दो बार लैंडफॉल किया और इसके बाद गुरुवार को फुजियान प्रोविंस में तीसरी बार तट से टकराया। फुजियान के पुतियान सिटी के हुआतिंग कस्बे में भारी बारिश के कारण 100 से ज्यादा मकान पूरी तरह ढह गए। इसके अलावा गुरुवार को एक तटबंध टूटने से कई गांव बाढ़ के पानी में डूब गए। शुक्रवार रात तक जोखिम वाले इलाकों से लगभग 6 लाख लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
Kinshasa में दर्दनाक हादसा: कांगो की राजधानी किंशासा के लिंगवाला स्थित एक इमारत में आयोजित शादी समारोह के दौरान शुक्रवार रात अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में कम से कम 22 लोगों की जलकर मौत हो गई और कई अन्य लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। लिंगवाला के मेयर नॉर्बर्ट मुशिंगा ने कांगो प्रेस एजेंसी को बताया कि आग शनिवार सुबह तक जलती रही। इस घटना के बाद शादी की खुशियों वाला माहौल पूरी तरह से चीख-पुकार और मातम में बदल गया।
राहत कार्य और मौत का कारण: इमारत में बने बेहद संकरे गलियारों के कारण लोगों को समय पर बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल सका और वे अंदर ही फंस गए। बचाव में लगे लोगों ने कई पीड़ितों को बाहर निकालकर सड़क किनारे लिटाया, जिनमें से कुछ की सांसें चल रही थीं जबकि कुछ ने दम तोड़ दिया था। कांगो के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैक्वेमिन शाबानी ने शनिवार सुबह घटनास्थल का जायजा लिया। मेयर के अनुसार मृतकों का यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम और अग्निकांड की वजह: किंशासा के घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार शुष्क मौसम के दौरान इस क्षेत्र में ऐसी आगजनी की घटनाएं काफी आम हो जाती हैं। हालांकि इस विशेष अग्निकांड के सटीक कारणों की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। इससे पहले पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक अस्पताल में एसी का कंप्रेसर फटने से लगी आग में 15 नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है।












































