पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ओमान के पास भारतीय व्यापारी जहाज एमटी एल गाया पर हमला हुआ है। जहाज पर उस समय 14 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। घटना के बाद 13 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन एक क्रू मेंबर अभी भी लापता बताया जा रहा है और उसकी तलाश के लिए अभियान जारी है। इस घटना को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए हमले की निंदा की है। मामले में ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव से जुड़े प्रयासों में उनके साथ समन्वय कर रहा है।
दूतावास ने संभाला समन्वय विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय मिशन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। दूतावास की ओर से स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखा गया है, ताकि बचाव अभियान को जरूरी सहयोग मिल सके। विदेश मंत्रालय ने ओमान के अधिकारियों को भारतीय नागरिकों की मदद करने के लिए धन्यवाद भी दिया है। मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर मौजूद 14 भारतीयों में से 13 को सुरक्षित निकाला जा चुका है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता उस एक लापता भारतीय नागरिक की तलाश पूरी करना है, जिसके लिए खोज अभियान अभी जारी है।
तनाव घटाने की भारत की अपील भारत ने इस घटना के साथ पूरे क्षेत्र की स्थिति पर भी अपना पक्ष दोहराया है। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में तनाव को तत्काल कम करने और शांति के लिए बातचीत तथा कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है। भारत ने कहा है कि व्यापारिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। आम नागरिकों और नागरिक ढांचे की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन तथा व्यापारिक गतिविधियों का प्रवाह जल्द बहाल करने की आवश्यकता बताई गई है।
नाविकों की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा ओमान के पास हुई यह घटना ऐसे समय में हुई है जब नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भी नाविकों की सुरक्षा का विषय उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया था। सरकार के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से इस इलाके में 16 नाविकों की मौत हुई है, जिनमें 10 भारतीय थे। इन घटनाओं के बीच भारतीय जहाज पर हुआ हमला समुद्र में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी चिंता को सामने लाता है। इसी वजह से नाविकों के लिए बेहतर आपात सहायता व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।
मोदी ने सुझाया आपात सहायता तंत्र प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ब्रिक्स सम्मेलन में ‘सीफ़ेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बनाने का प्रस्ताव रखा था। उनके अनुसार, वैश्विक व्यापार को आगे बढ़ाने में नाविकों का योगदान महत्वपूर्ण है, लेकिन संकट के समय उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाती। प्रस्तावित व्यवस्था के जरिए समुद्री अधिकारियों और राजनयिक मिशनों को एक साथ जोड़ने की बात कही गई है। इससे संकट की पूर्व सूचना देने, चिकित्सा सहायता पहुंचाने, नाविकों के परिवारों को जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी में मदद मिल सकती है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब समुद्री मार्गों पर जोखिम लगातार चर्चा में है।
होर्मुज मार्ग पर बनी सहमति इसी बीच पश्चिम एशिया से समुद्री आवाजाही को लेकर एक राहत वाली खबर भी आई है। ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए नए मार्गों को लेकर सहमत हुए हैं। शिन्हुआ न्यूज के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने शनिवार को दोनों देशों के बीच बनी इस सहमति की जानकारी दी। एक तरफ ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हमले की घटना ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है, तो दूसरी तरफ होर्मुज में नए प्रवेश और निकास मार्गों को लेकर बनी सहमति समुद्री आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गई है। अब एमटी एल गाया से लापता भारतीय की तलाश और क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री आवाजाही पर ध्यान बना हुआ है।















































