महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में राजघाट पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी महात्मा गांधी को नमन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी राजघाट पहुंचे और उन्होंने गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी राजघाट जाकर बापू को श्रद्धासुमन अर्पित किए। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने गांधी समाधि पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना में भाग लिया। इस दौरान कई अन्य नेताओं ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
सर्वधर्म प्रार्थना में शामिल हुए उपराज्यपाल: गांधी जयंती के मुख्य कार्यक्रमों में राजघाट स्थित गांधी समाधि पर सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन भी किया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू इस प्रार्थना में शामिल हुए और महात्मा गांधी को नमन किया। गांधी जी की जयंती के अवसर पर राजघाट पर पहुंचे नेताओं ने उनके जीवन और देश के लिए किए गए योगदान को याद किया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लेकर केंद्र तथा दिल्ली के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम ने गांधी जयंती के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर गांधी जी के शांति, अहिंसा और मानवता से जुड़े विचारों को भी स्मरण किया गया और उनके आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताया गया।
विजय घाट पर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि: गांधी जयंती के साथ देश ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय घाट पहुंचकर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी विजय घाट पर पहुंचकर उन्हें नमन किया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पूर्व प्रधानमंत्री की 122वीं जयंती के अवसर पर विजय घाट जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। राजधानी में दोनों महान राष्ट्रीय नेताओं की जयंती के अवसर पर अलग-अलग श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें देश के प्रमुख संवैधानिक पदों पर मौजूद नेताओं ने हिस्सा लिया और उनके योगदान को याद किया।
स्वच्छता के जरिए गांधी संदेश को आगे बढ़ाया: गांधी जयंती के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-1 के समीप श्रमदान किया। उन्होंने सफाई अभियान में हिस्सा लेकर श्रम और स्वच्छता से जुड़े गांधी जी के संदेश को याद किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान में भाग लिया। उन्होंने लोगों से अपने शहर को साफ-सुथरा रखने की अपील की। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इन गतिविधियों में स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान तक सीमित न रखते हुए आम लोगों की भागीदारी से जोड़ने का संदेश दिया गया। श्रमदान के जरिए लोगों को अपने आसपास सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
मुर्मू ने युद्ध के बीच गांधी विचारों को याद किया: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष का वातावरण बना हुआ है। ऐसी स्थिति में गांधी जी का शांति और अहिंसा का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक समुदाय महात्मा गांधी के जीवन और आदर्शों का व्यापक रूप से सम्मान करता है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि दुनिया के अनेक क्षेत्रों में अशांति और युद्ध का असर सभी देशों पर पड़ रहा है। ऐसे वैश्विक माहौल में गांधी जी के जीवन और उनके विचारों को याद करना महत्वपूर्ण है और उनके शांति तथा अहिंसा के संदेश से प्रेरणा ली जा सकती है।
गांधी और शास्त्री के योगदान को किया याद: गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट से लेकर विजय घाट तक देश के दो महान नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। राजघाट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, राहुल गांधी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू समेत कई नेताओं ने महात्मा गांधी को नमन किया। वहीं विजय घाट पर प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति ने लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। श्रमदान और स्वच्छता अभियान के जरिए गांधी जी के स्वच्छता संदेश को भी आगे बढ़ाया गया। राष्ट्रपति के संदेश में शांति और अहिंसा पर जोर रहा, जिससे गांधी जी के विचारों की वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया।














































