भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्रों में सुस्ती के बाद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई और निवेशकों के बीच खरीदारी का रुझान मजबूत रहा। सेंसेक्स करीब 500 अंक चढ़कर खुला, जबकि निफ्टी एक बार फिर 23,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर पहुंच गया। सूचना प्रौद्योगिकी और तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स 492.61 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,345.51 पर खुला। वहीं निफ्टी 141.50 अंक यानी 0.62 प्रतिशत चढ़कर 23,030.45 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में तेजी के बावजूद सभी शेयरों में एक जैसा रुख नहीं रहा और कुछ कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
शेयर बाजार में खरीदारी और बिकवाली का मिला-जुला रुख: शुरुआती कारोबार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से थोड़ी अधिक रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 1,240 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,180 शेयर नुकसान में रहे। इसके अलावा 212 शेयरों के भाव में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और वे पिछले स्तर के आसपास बने रहे। इन आंकड़ों से संकेत मिला कि प्रमुख सूचकांकों में तेजी के साथ बाजार के भीतर खरीदारी का माहौल भी बना हुआ था, हालांकि बिकवाली का दबाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था। सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त ने बाजार की शुरुआत को मजबूत बनाया। कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर इस बात पर रही कि प्रमुख क्षेत्रों में जारी खरीदारी कितनी देर तक बनी रहती है और क्या बाजार अपनी शुरुआती बढ़त को आगे भी कायम रख पाता है।
आईटी क्षेत्र में सबसे ज्यादा तेजी, कई सेक्टर भी चढ़े: बाजार की तेजी में सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों का योगदान सबसे प्रमुख रहा। आईटी शेयरों में व्यापक खरीदारी के कारण निफ्टी आईटी सूचकांक 2.03 प्रतिशत उछलकर 32,155.35 के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा निफ्टी इंडिया डिजिटल में 1.14 प्रतिशत, निफ्टी तेल एवं गैस में 0.89 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज में 0.86 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में 0.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। रियल्टी क्षेत्र का सूचकांक 0.50 प्रतिशत चढ़ा, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 0.43 प्रतिशत और निजी बैंकों में 0.44 प्रतिशत की तेजी रही। धातु क्षेत्र में 0.23 प्रतिशत और रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े क्षेत्र में 0.19 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। अलग-अलग क्षेत्रों में दर्ज इस मजबूती ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों को ऊपर ले जाने में मदद की।
Infosys और TCS समेत बड़े शेयरों में मजबूत उछाल: प्रमुख कंपनियों के शेयरों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयर सबसे आगे रहे। इन्फोसिस का शेयर 3.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष तेजी वाले शेयरों में रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 2.60 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई, जबकि अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2.20-2.20 प्रतिशत की तेजी रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर भी 2.12 प्रतिशत चढ़ा। इनके अलावा टेक महिंद्रा में 1.59 प्रतिशत, आईटीसी में 1.44 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 1.44 प्रतिशत और भारती एयरटेल में 1.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार की शुरुआती तेजी को सहारा मिला। खास तौर पर आईटी कंपनियों में मजबूती ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और क्षेत्रीय सूचकांक की बढ़त में योगदान दिया।
Bajaj Finance सबसे ज्यादा गिरा, कुछ अन्य शेयर भी लाल निशान में: बाजार की व्यापक तेजी के बीच कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस का शेयर 2.73 प्रतिशत टूटकर सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 0.37 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई। ट्रेंट का शेयर 0.27 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.01 प्रतिशत की मामूली कमजोरी दर्ज की गई। इन शेयरों में गिरावट के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले तथा सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में खरीदारी जारी रही। इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार में तेजी का रुख प्रमुख सूचकांकों और कई बड़े शेयरों में दिखाई दे रहा था, लेकिन चुनिंदा कंपनियों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ था। निवेशकों के लिए अलग-अलग शेयरों के प्रदर्शन पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण रहा।
निवेशकों की नजर बाजार की तेजी बरकरार रहने पर: कारोबारी सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स की करीब 500 अंकों की छलांग और निफ्टी का 23,000 के ऊपर पहुंचना बाजार में लौटी मजबूती का प्रमुख संकेत रहा। आईटी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली, जबकि तेल एवं गैस, डिजिटल, बैंकिंग, रियल्टी और अन्य क्षेत्रों में भी बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस समेत कुछ शेयरों में गिरावट ने दिखाया कि तेजी सभी कंपनियों तक समान रूप से नहीं पहुंची। शुरुआती कारोबार के आंकड़े बाजार की उस समय की स्थिति दर्शाते हैं; इनके आधार पर पूरे कारोबारी सत्र के अंतिम प्रदर्शन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। निवेशकों की नजर आगे सूचकांकों की चाल, विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी की निरंतरता और प्रमुख शेयरों के उतार-चढ़ाव पर बनी रही।














































