सनातन हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी नए काम की शुरुआत, मांगलिक अनुष्ठान, यात्रा या कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्तों का ज्ञान होना बेहद आवश्यक माना जाता है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण से मिलकर बनता है।
आज 01 अगस्त 2026, शनिवार का दिन है और यह पवित्र श्रावण (सावन) मास चल रहा है। आज सावन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। शनिवार का दिन होने के कारण आज के दिन भगवान शनिदेव की आराधना का भी विशेष महत्व होता है। हालांकि, आज के पंचांग के अनुसार भद्रा और पंचक का साया भी बना रहेगा, जिसे वैदिक ज्योतिष में किसी भी शुभ कार्य के लिए वर्जित और अशुभ माना गया है। आइए, दिन भर के पंचांग, ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्तों पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (सूर्योदय एवं चंद्रोदय का समय)
दिन की शुरुआत और समाप्ति सूर्य और चंद्रमा की गति पर निर्भर करती है। आज के दिन सूर्य और चंद्रमा के उदय और अस्त होने का समय इस प्रकार रहेगा:
- सूर्योदय का समय: सुबह 05:42 बजे
- सूर्यास्त का समय: शाम 07:12 बजे
- चंद्रोदय का समय: रात 08:55 बजे
- चंद्रास्त का समय: अगले दिन सुबह 07:56 बजे
- चंद्रमा की राशि: आज पूरे दिन चंद्रमा कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे।
01 अगस्त 2026 का विस्तृत पंचांग विवरण
आज के दिन के पंचांग के मुख्य तत्व इस प्रकार हैं, जो आपके दैनिक कार्यों की रूपरेखा तय करने में मदद करेंगे:
- विक्रम संवत: 2083 (कालयुक्त)
- शक संवत: 1948 (विश्वावसु)
- गुजराती संवत: 2082 (पिंगल)
- मास एवं पक्ष: श्रावण (सावन) मास, कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त और आषाढ़ अमान्त के अनुसार)।
- तिथि: तृतीया तिथि आज रात 11:07 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
- नक्षत्र: आज शतभिषा नक्षत्र रात 08:45 बजे तक रहेगा, उसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र लग जाएगा।
- योग: शोभन योग रात 11:23 बजे तक रहेगा। यह योग कई शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन आज अन्य अशुभ योगों का भी प्रभाव है।
- करण: वणिज करण सुबह 10:52 बजे तक रहेगा, जिसके बाद विष्टि करण (भद्रा) रात 11:07 बजे तक प्रभावी रहेगा।
भद्रा और पंचक का साया: क्या करें और क्या न करें?
आज के दिन विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि आज पंचक लगा हुआ है। साथ ही सुबह 10:50 बजे से रात 11:08 बजे तक विष्टि करण यानी भद्रा काल भी रहेगा। हिंदू धर्म और वैदिक शास्त्र में पंचक और भद्रा दोनों को ही अत्यंत अशुभ माना गया है। भद्रा काल के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, या नए व्यवसाय की शुरुआत) करना पूरी तरह से वर्जित होता है। इस अवधि में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना ही श्रेयस्कर होता है।
आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
भले ही आज भद्रा और पंचक का साया है, फिर भी दिन के कुछ प्रहर ऐसे होते हैं जिनमें दैनिक और आवश्यक शुभ कार्य किए जा सकते हैं। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:18 बजे से 05:00 बजे तक। यह समय ईश्वर वंदना, ध्यान और योग के लिए सर्वोत्तम होता है।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें कोई भी आवश्यक कार्य शुरू किया जा सकता है)।
- अमृत काल: दोपहर 01:09 बजे से 02:51 बजे तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 बजे से 03:36 बजे तक। यह समय किसी कार्य में सफलता प्राप्त करने के उद्देश्य से उत्तम है।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:12 बजे से 07:33 बजे तक।
- निशिता मुहूर्त: मध्यरात्रि 12:07 बजे (2 अगस्त) से 12:49 बजे तक।
आज के अशुभ मुहूर्त (Ashubh Muhurat)
दिन के कुछ प्रहर ऐसे होते हैं जिनमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। इन मुहूर्तों में यात्रा या धन का लेन-देन करने से बचना चाहिए:
- मुख्य राहुकाल (मानक दिल्ली/उत्तर प्रदेश समय): सुबह 09:05 बजे से 10:46 बजे तक। (राहुकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए)।
- अन्य राहुकाल विवरण: दोपहर 02:09 बजे से 03:50 बजे तक (पंचांग के अन्य गणना स्रोतों के अनुसार)।
- यमगंड काल: सुबह 05:41 बजे से 07:23 बजे तक।
- गुलिक काल: सुबह 09:04 बजे से 10:46 बजे तक।
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:12 बजे से 11:06 बजे तक तथा दोपहर बाद 03:37 बजे से शाम 04:31 बजे तक।
भारत के प्रमुख शहरों में आज का राहुकाल (01 अगस्त 2026)
राहुकाल का समय सूर्योदय के अनुसार तय होता है। हर शहर का भौगोलिक स्थान अलग होने के कारण सूर्योदय के समय में भिन्नता होती है, जिससे राहुकाल का समय भी बदल जाता है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 9 बजे के करीब राहुकाल शुरू होगा। यहां देश की प्रमुख राजधानियों के अनुसार राहुकाल का सटीक समय दिया गया है:
- लखनऊ (उत्तर प्रदेश): सुबह 09:00 AM से 10:42 AM
- नई दिल्ली (दिल्ली): सुबह 09:05 AM से 10:46 AM
- पटना (बिहार): सुबह 08:50 AM से 10:31 AM
- चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा): सुबह 09:11 AM से 10:52 AM
- जयपुर (राजस्थान): सुबह 09:15 AM से 10:56 AM
- भोपाल (मध्य प्रदेश): सुबह 09:12 AM से 10:54 AM
- रांची (झारखंड): सुबह 08:52 AM से 10:33 AM
- रायपुर (छत्तीसगढ़): सुबह 09:01 AM से 10:43 AM
- कोलकाता (पश्चिम बंगाल): सुबह 08:40 AM से 10:21 AM
- शिमला (हिमाचल प्रदेश): सुबह 09:09 AM से 10:50 AM
- श्रीनगर/जम्मू: सुबह 09:19 AM से 11:01 AM
- गांधीनगर (गुजरात): सुबह 09:30 AM से 11:12 AM
- मुंबई (महाराष्ट्र): सुबह 09:27 AM से 11:08 AM
- पणजी (गोवा): सुबह 09:22 AM से 11:03 AM
- हैदराबाद (तेलंगाना): सुबह 09:11 AM से 10:52 AM
- बेंगलुरु (कर्नाटक): सुबह 09:16 AM से 10:57 AM
- चेन्नई (तमिलनाडु): सुबह 09:05 AM से 10:46 AM
- तिरुवनंतपुरम (केरल): सुबह 09:17 AM से 10:59 AM
- अमरावती (आंध्र प्रदेश): सुबह 09:03 AM से 10:44 AM
- भुवनेश्वर (ओडिशा): सुबह 08:53 AM से 10:35 AM
- गुवाहाटी (असम): सुबह 08:14 AM से 09:56 AM
- अगरतला (त्रिपुरा): सुबह 08:26 AM से 10:08 AM
- शिलांग (मेघालय): सुबह 08:20 AM से 10:02 AM
- गंगटोक (सिक्किम): सुबह 08:37 AM से 10:19 AM
- ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश): सुबह 08:04 AM से 09:46 AM
- इम्फाल (मणिपुर): सुबह 08:13 AM से 09:55 AM
- आइजोल (मिजोरम): सुबह 08:19 AM से 10:01 AM
- कोहिमा (नागालैंड): सुबह 08:10 AM से 09:51 AM
(नोट: आज शनिवार का दिन है, इसलिए राहुकाल, पंचक और भद्रा के समय विशेष सावधानी बरतें और भगवान शिव तथा शनिदेव की आराधना कर अपने दिन को सुखमय बनाएं।)


























































