प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने प्रदेश के पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अपर मुख्य सचिव गृह ने बैठक के दौरान कानून व्यवस्था और पुलिस की तैयारियों से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मेरठ के मंडलायुक्त और एडीजी जोन ने भी कांवड़ यात्रा के सफल प्रबंधन को लेकर अपना एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हर स्तर पर पुलिस प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रहना होगा।
पेट्रोलिंग और ड्रोन निगरानी: मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्गों और सभी संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से चौबीसों घंटे लगातार निगरानी रखना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले और महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से भी चप्पे-चप्पे की सतत निगरानी की जानी चाहिए। सुरक्षा बलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर अपनी विशेष नजर बनाए रखें। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस विभाग की यह कड़ी चौकसी पूरी कांवड़ यात्रा के दौरान जारी रहनी चाहिए।
अफवाहों पर सख्त कार्रवाई: कांवड़ यात्रा के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर भी पुलिस की लगातार कड़ी नजर बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी भ्रामक और फर्जी सूचना का तत्काल प्रभाव से खंडन किया जाए। गलत खबरें और अफवाह फैलाकर प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे असामाजिक तत्वों की तुरंत पहचान करके उनके विरुद्ध बिना किसी देरी के सबसे कठोर और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए साइबर सेल सक्रिय रहे और किसी भी उत्तेजक पोस्ट को वायरल होने से पहले ही ब्लॉक कर दे।
नदियों का बढ़ता जलस्तर: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी अवगत कराया कि वर्तमान समय में प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। नदियों के इस बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए कांवड़ यात्रा से जुड़े सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए। संभावित बाढ़ और नदी के कटान वाले क्षेत्रों में प्रशासन को पहले से ही अपनी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करके रखनी होंगी। स्थानीय प्रशासन ऐसे सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी लगातार निगरानी बनाए रखे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाटों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने का काम भी पूरा किया जाना चाहिए।
वीआईपी आवागमन का प्रबंधन: मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी वीआईपी व्यक्ति के आवागमन से जुड़े कार्यक्रमों की पूर्व जानकारी स्थानीय प्रशासन को पहले से उपलब्ध रहनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि वीआईपी लोगों के दौरों की वजह से आम कांवड़ श्रद्धालुओं की आवाजाही बिल्कुल भी प्रभावित न हो। यात्रा मार्ग पर लगने वाले जाम से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस पहले से ही एक मजबूत और सुचारू डायवर्जन प्लान तैयार करके रखे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस के जवानों की पर्याप्त संख्या में हर जगह तैनाती की जानी चाहिए।
आगामी त्योहारों की तैयारियां: इस उच्चस्तरीय बैठक में कांवड़ यात्रा के साथ-साथ आने वाले अन्य कई महत्वपूर्ण त्योहारों की तैयारियों पर भी मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबंधन को लेकर भी कानून व्यवस्था की कड़ी समीक्षा की। इन सभी आगामी पर्वों के दौरान पूरे राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना स्थानीय प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि रुहेलखंड से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक हर जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाएं एक समान रूप से लागू हों। सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में खुद जाकर तैयारियों का निरीक्षण करें और किसी भी कमी को समय रहते दूर करें।

























































