राजधानी में हुए इतने बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा परिवार की सतर्कता के कारण ही हो सका। फाइनेंस कर्मचारी ने जब करोड़ों रुपये के इस लेनदेन के बारे में पूर्व सांसद की बेटी को बताया। बेटी दीक्षा ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत अपने पिता को फोन कर मामले की जानकारी ली। जब पिता ने किसी भी तरह का आदेश देने से साफ इनकार किया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। दीक्षा की इस त्वरित सोच के कारण ही इस बड़ी धोखाधड़ी का सही समय पर पता चल सका।
जून महीने में हुआ लेनदेन यह पूरा वित्तीय फर्जीवाड़ा मुख्य रूप से जून के महीने में कुछ ही दिनों के भीतर हुआ था। ठग ने बड़ी ही होशियारी से बारह से सोलह जून के बीच इस पूरी घटना को अंजाम दिया। इन कुछ ही दिनों में जालसाज ने फाइनेंस टीम से लगभग आठ करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे। कुल सात करोड़ अस्सी लाख रुपये की यह पूरी रकम सिर्फ चार ट्रांजैक्शन के जरिए भेजी गई थी। दिल्ली में हाल के दिनों में सामने आया यह पैसों के लिहाज से सबसे बड़ा साइबर क्राइम है।
कर्मचारी को दिया गया झांसा इस मामले में ठग ने बहुत ही सोच-समझकर फाइनेंस टीम के सबसे भरोसेमंद व्यक्ति को अपना निशाना बनाया। उसने व्हाट्सएप पर पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल की फोटो लगाकर खुद को उनका रूप दे दिया। अपराधी ने कर्मचारी को यह मैसेज किया कि वह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मीटिंग में फंसा हुआ है। मीटिंग का झूठा हवाला देकर उसने कर्मचारी से आरटीजीएस के माध्यम से तुरंत पैसे मंगा लिए। कर्मचारी ने भी प्रोफाइल पर अपने मालिक की फोटो देखकर उस धोखेबाज की बात पर पूरा विश्वास कर लिया।
हेल्पलाइन नंबर पर की कॉल धोखाधड़ी का पूरा सच सामने आते ही परिवार ने बिल्कुल भी समय बर्बाद नहीं किया। पूर्व सांसद की बेटी दीक्षा ने बिना कोई देरी किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन पर संपर्क किया। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करके इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी अधिकारियों को दी। उनकी इस शिकायत के आधार पर पुलिस विभाग ने मंगलवार को एक ई-एफआईआर विधिवत रूप से दर्ज कर ली। सही समय पर की गई इस शिकायत ने आगे की पुलिस जांच का रास्ता पूरी तरह से साफ कर दिया।
सत्तर फीसदी रकम हुई फ्रीज ई-एफआईआर दर्ज होते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेना शुरू कर दिया। पुलिस की तकनीकी टीम ने ठग के उन बैंक खातों को ट्रेस किया जिनमें पैसा गया था। अधिकारियों की इस तत्परता के कारण धोखाधड़ी की गई लगभग सत्तर फीसदी रकम तुरंत फ्रीज कर दी गई। पुलिस ने जालसाज के खाते में गए करीब चार करोड़ रुपये सुरक्षित तरीके से रोक लिए हैं। इस त्वरित कार्रवाई के कारण पूर्व सांसद नरेश गुजराल का एक बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होने से बच गया।
अधिकारियों की हुई तारीफ करोड़ों रुपये सुरक्षित बच जाने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की एक बड़ी सांस ली है। इस शानदार और तेज कार्रवाई के लिए पूर्व सांसद ने पुलिस अधिकारियों की जमकर तारीफ भी की है। हालांकि पुलिस विभाग के लिए यह मामला अभी भी पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। दिल्ली पुलिस इस पूरे नेटवर्क और मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार सघन जांच कर रही है। अभी तक उस शातिर ठग के बारे में पुलिस के हाथ कोई भी ठोस जानकारी नहीं लग पाई है।
































