सावन 2026: शिव पूजा का माह और दुर्लभ संयोग
शिव भक्तों को सावन के महीने का पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार रहता है। वर्ष 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है। सावन का यह पूरा महीना महादेव की आराधना के लिए श्रेष्ठ होता है, लेकिन इस बार का सावन अपने आप में बेहद खास है क्योंकि इसमें कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं।
सावन सोमवार की महत्वपूर्ण तिथियां:
- पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त
- दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त
- तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त (सबसे खास संयोग)
- चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त
17 अगस्त 2026: एक महा-संयोग का दिन
17 अगस्त का दिन ज्योतिषीय और धार्मिक रूप से अत्यधिक फलदायी माना जा रहा है क्योंकि इस दिन दो बड़े संयोग एक साथ घटित हो रहे हैं:
- सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ: 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का पवित्र पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं। ऐसा दुर्लभ संयोग इससे पहले वर्ष 2003 में देखने को मिला था। नाग देवता महादेव के अत्यंत प्रिय गण हैं, इसलिए इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करने के बाद नाग देवता की हल्दी, अक्षत और पुष्प से पूजा करने पर शिव जी विशेष प्रसन्न होते हैं।
- सिंह संक्रांति का शुभ योग: इसी दिन सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे, जिससे सिंह संक्रांति भी मनाई जाएगी। इस प्रकार, सावन सोमवार के दिन चंद्रमा की पूजा और संक्रांति के दिन सूर्य की पूजा का एक अद्भुत संयोग बन रहा है।
ज्योतिषीय महत्व और नाग पंचमी का मुहूर्त
जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष, नाग दोष या राहु-केतु से जुड़े अन्य कोई दोष हैं, उनके लिए यह दिन विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और दोष-शांति के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
- पंचमी तिथि प्रारंभ: 16 अगस्त, शाम 4:52 बजे से
- पंचमी तिथि समाप्त: 17 अगस्त, शाम 5:00 बजे तक
- उदया तिथि के अनुसार पर्व: 17 अगस्त
- पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 5:51 बजे से सुबह 8:29 बजे तक (कुल अवधि: 2 घंटे 37 मिनट)
चातुर्मास 2026: इन 3 लकी राशियों का होगा भाग्योदय
सावन से पूर्व 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास का आरंभ हो जाएगा, जो 21 नवंबर तक चलेगा। मान्यता है कि इस अवधि में भगवान श्री हरि विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और सृष्टि के संचालन का कार्यभार भगवान शिव अपने हाथों में ले लेते हैं। चातुर्मास के दौरान मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार यह चार महीने का समय 3 विशेष राशियों के लिए अपार सफलता लेकर आ रहा है:
- वृषभ राशि (Taurus): चातुर्मास आपके लिए अत्यंत शुभ साबित होगा। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको सफलता मिलेगी। बिजनेस में बड़ी कामयाबी और विदेश से नौकरी के नए ऑफर आ सकते हैं। माता-पिता का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। उपाय: शुभ फलों में वृद्धि के लिए हर शुक्रवार को सफेद चीजों का दान करें।
- कर्क राशि (Cancer): यह समय आपके लिए लकी साबित होगा। नई नौकरी लगने के योग हैं और आपको अनेक माध्यमों से धन की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र में बॉस आपके काम की सराहना करेंगे और आपको पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। निवेश के लिए समय शानदार है। उपाय: सावन और चातुर्मास के दौरान प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर जल अवश्य अर्पित करें।
- तुला राशि (Libra): आपका भाग्योदय होने वाला है। लंबे समय से अटके हुए काम और प्रोजेक्ट अब सफलता की ओर बढ़ेंगे। कारोबारियों को पार्टनरशिप में भारी मुनाफा होगा। विदेश में नौकरी पाने का आपका सपना सच हो सकता है और खोई हुई कोई कीमती चीज वापस मिल सकती है। उपाय: शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान करें और शिवलिंग पर नियमित जल चढ़ाएं।


























































