मलमास का महत्व और श्री हरि की कृपा: मलमास को धार्मिक मान्यताओं में अधिक मास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब इस माह का कोई स्वामी या देवता नहीं था, तब स्वयं भगवान विष्णु ने इस माह के देवता के रूप में इसे स्वीकार किया। श्री हरि विष्णु ने मलमास को यह विशेष वरदान दिया कि इस अवधि के दौरान जो भी भक्त सच्चे मन से धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य करेंगे, उन पर उनकी विशेष असीम कृपा और आशीर्वाद बरसेगा। इसी कारण से मलमास के पवित्र दिनों में मंत्रों का जप करना अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना जाता है।
पापनाशक और धन प्रदाता श्री कृष्ण मंत्र: मलमास में “गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपीवल्लभम्। विष्णुं जिष्णुं महाबाहुं कृष्णं च मधुसूदनम्।।” मंत्र का निरंतर जप करना बहुत लाभकारी बताया गया है। इस मंत्र के नियमित जप से व्यक्ति के द्वारा किए गए समस्त पापों का पूरी तरह से नाश होता है। इसके साथ ही, यह अत्यंत शक्तिशाली मंत्र आपको हर प्रकार के रोग और दोष से भी मुक्त करता है तथा जीवन में अपार धन-धान्य की प्राप्ति कराता है।
सुख और बुद्धि वृद्धि का अचूक विष्णु मंत्र: “मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुड़ध्वजः। मङ्गलं पुण्डरीकाक्षः मङ्गलाय तनो हरिः।।” भगवान विष्णु का एक अत्यंत ही प्रचलित और सिद्ध मंत्र है। अधिक मास या मलमास में इस पवित्र मंत्र का जप करने से मनुष्य को अपने जीवन में सुखद फलों की शीघ्र प्राप्ति होती है। इसके नियमित जप से व्यक्ति की बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है और वह जीवन में निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता रहता है।
मनोकामना पूर्ति और पारिवारिक सुख का मूल मंत्र: भगवान विष्णु के सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।” का जप करके भी आप मलमास के दौरान विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस मंत्र का सच्चे मन से जप करने पर आपके पारिवारिक जीवन में सकारात्मक और अनुकूल परिणाम देखने को मिलते हैं। इसके प्रभाव से जीवन के सभी रोग और दोष दूर होते हैं तथा भगवान श्री हरि विष्णु आपकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
ऊर्जा और तेज प्रदान करने वाला विष्णु गायत्री मंत्र: “ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात।।” यह अत्यंत फलदायी विष्णु गायत्री मंत्र है। मलमास के पवित्र अवसर पर इस मंत्र का जप करना आपके लिए बेहद शुभ फलदायक रह सकता है। यह मंत्र आपकी आंतरिक ऊर्जा को बढ़ाता है और आपको बुद्धि तथा तेज की प्राप्ति कराता है। इस महामंत्र का जप करने से जीवन के समस्त दुख और कष्ट दूर हो सकते हैं।
दुख और दरिद्रता नाशक भगवान शिव का महामंत्र: भगवान विष्णु के मंत्रों के साथ ही मलमास में “कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि।।” मंत्र का जप करना भी बहुत शुभ माना गया है। यह देवाधिदेव महादेव शिव का मंत्र है। मलमास की अवधि में इस सिद्ध मंत्र का जप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन से हर प्रकार के दुख और दरिद्रता से पूरी तरह मुक्ति मिलती है।





































