The Wall Street Journal की एक ताजा रिपोर्ट ने Iran के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि Israel का मानना है कि Iran ने अपने हजारों सेंट्रीफ्यूज को एक नई और सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। यह नई जगह Natanz के पास एक बहुत ही सुरक्षित और ज़मीन के काफी नीचे बनी हुई है जिसे Pickaxe Mountain के नाम से जाना जाता है। इन सभी सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम को एनरिच करने और परमाणु हथियारों के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए किया जाता है। हालांकि, अभी तक यह बात पूरी तरह से साफ़ नहीं हो पाई है कि इन हजारों सेंट्रीफ्यूज को वास्तव में कहां से वहां पहुंचाया गया है।
पिकएक्स माउंटेन की सुरक्षा: Pickaxe Mountain नाम की यह नई और गुप्त जगह ज़मीन में बहुत ज्यादा गहराई पर बेहद मजबूती के साथ बनाई गई है। इस जगह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अत्यधिक गहराई में होने के कारण इसे किसी भी हवाई हमले में निशाना बनाना बहुत मुश्किल है। Iran ने जानबूझकर इस सुरक्षित स्थान को चुना है ताकि उसके महत्वपूर्ण परमाणु उपकरण किसी भी तरह के हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रह सकें। इस तरह की सुरक्षित जगह का निर्माण यह दर्शाता है कि Iran अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कितनी गंभीरता और लंबी योजना के साथ काम कर रहा है। पश्चिमी देशों की सेनाओं के लिए इस भूमिगत और सुरक्षित ठिकाने को नष्ट करना अब एक बहुत बड़ी और जटिल सैन्य चुनौती बन गया है।
आईएईए का चौंकाने वाला अनुमान: IAEA ने भी Iran के यूरेनियम भंडार को लेकर अपना एक बहुत ही चिंताजनक और महत्वपूर्ण अनुमान जारी किया है। IAEA के इस अनुमान के अनुसार Iran और अमेरिका के बीच जारी युद्ध से ठीक पहले Iran ने भारी मात्रा में यूरेनियम जमा कर लिया था। यह बताया गया है कि Iran ने उस समय तक 60 प्रतिशत शुद्धता तक एनरिच किया हुआ 440 किलोग्राम से ज़्यादा यूरेनियम अपने पास इकट्ठा कर लिया था। इतनी बड़ी मात्रा में यूरेनियम का संचय यह स्पष्ट करता है कि Iran ने अपनी परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने के लिए बहुत तेजी से काम किया है। इस खुलासे के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में Iran के असली और खतरनाक इरादों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
हथियारों के करीब पहुंचता यूरेनियम: विशेषज्ञों का कहना है कि 60 प्रतिशत शुद्धता वाला यह यूरेनियम हथियारों में इस्तेमाल होने वाले ग्रेड के बहुत ज्यादा करीब है। अगर इस यूरेनियम को थोड़ा और एनरिच किया जाए, तो यह कई खतरनाक न्यूक्लियर हथियारों के निर्माण के लिए काफी हो सकता है। यह स्थिति पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा और सीधा खतरा बन चुकी है जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इतनी बड़ी मात्रा में संवेदनशील सामग्री का होना यह बताता है कि Iran परमाणु बम बनाने की दहलीज पर खड़ा है। यही कारण है कि Israel और अमेरिका इस मामले को लेकर लगातार अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं और सख्त कदम उठा रहे हैं।
परमाणु बम बनाने की प्रक्रिया: हालांकि जानकारों का यह भी स्पष्ट रूप से कहना है कि Iran को परमाणु बम बनाने के लिए अभी भी कुछ अहम कदम उठाने होंगे। सबसे पहले Iran को अपने पास मौजूद यूरेनियम को हथियारों के लायक बनाने के लिए 90 प्रतिशत शुद्धता तक एनरिच करने की सख्त ज़रूरत होगी। इसके बाद उसे एक काम करने लायक वॉरहेड बनाने और उसे सही जगह तक पहुंचाने के लिए एक सटीक डिलीवरी सिस्टम विकसित करना होगा। इस पूरी जटिल तकनीकी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने में Iran को अभी भी कई महीनों या उससे भी ज़्यादा का समय लग सकता है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि अभी भी दुनिया के पास इस खतरे को रोकने के लिए थोड़ा समय और अवसर बचा हुआ है।
खुफिया एजेंसियों की कड़ी नज़र: इन तमाम खतरों और आकलनों को देखते हुए अमेरिकी और इज़राइली खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले पर अपनी कड़ी नज़र रखेंगी। वे Pickaxe Mountain से लेकर Iran के हर छोटे-बड़े कदम की सेटेलाइट और अन्य गुप्त तरीकों से लगातार निगरानी कर रही हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के पाए जाने पर अमेरिका और Israel तुरंत और कठोर सैन्य कार्रवाई करने से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेंगे। दुनिया भर की निगाहें अब इसी बात पर टिकी हैं कि आने वाले महीनों में Iran अपने इस परमाणु कार्यक्रम को किस दिशा में लेकर जाता है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय दबाव भी लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि Iran को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सके।









































