हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या निवेश से पहले ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का अवलोकन किया जाता है। 22 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है और दुर्गाष्टमी का पावन व्रत भी रखा जाएगा। इसके साथ ही ग्रहों के कई महत्वपूर्ण गोचर और शुभ योग भी बन रहे हैं।
आज के पंचांग की मुख्य जानकारी
| विवरण | समय / स्थिति |
| तिथि | अष्टमी तिथि (दोपहर 3:41 बजे तक), इसके बाद नवमी तिथि |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी (सुबह 10:23 बजे तक), इसके बाद हस्त नक्षत्र |
| योग | व्यतीपात योग (सुबह 10:31 बजे तक) |
| शुभ संयोग | त्रिग्रही योग और लक्ष्मी योग |
| सूर्य की स्थिति | मिथुन राशि (मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश) |
| चंद्र की स्थिति | कन्या राशि |
| दिशाशूल | पूर्व दिशा |
सूर्योदय, चन्द्रोदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 05:23 बजे
- सूर्यास्त: शाम 07:21 बजे
- चन्द्रोदय: दोपहर 12:49 बजे
- चन्द्रास्त: रात 12:47 बजे
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं, तो इन शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:36 से 05:19 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:14 से 01:07 तक (अत्यंत शुभ और प्रभावशाली समय)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:53 से 03:46 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:18 से 07:39 तक
- रवि योग: सुबह 10:22 से दोपहर 12:32 तक
अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Inauspicious Timings)
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन अवधियों में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
- गुलिक काल: दोपहर 02:05 से 03:49 तक
- यमघण्ट काल: दोपहर 12:20 से 02:04 तक
- दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि बहुत आवश्यक हो, तो उचित ज्योतिषीय उपाय करके ही घर से निकलें।
विभिन्न शहरों में राहुकाल का समय:
| शहर | राहुकाल का समय |
| दिल्ली | सुबह 07:09 से 08:54 तक |
| मुंबई | सुबह 07:42 से 09:22 तक |
| चंडीगढ़ | सुबह 07:07 से 08:53 तक |
| लखनऊ | सुबह 06:57 से 08:41 तक |
| भोपाल | सुबह 07:17 से 08:59 तक |
| कोलकाता | सुबह 06:35 से 08:16 तक |
| अहमदाबाद | सुबह 07:36 से 09:18 तक |
| चेन्नई | सुबह 07:21 से 08:57 तक |
ग्रहों का गोचर (Planetary Transits)
22 जून 2026 को ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:
- बुध का गोचर: दोपहर बाद 3 बजकर 52 मिनट पर बुध देव कर्क राशि में गोचर करेंगे।
- सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र आर्द्रा में प्रवेश करेंगे।
दुर्गाष्टमी व्रत का महत्व
प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी व्रत किया जाता है। जिस प्रकार चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है, उसी प्रकार अष्टमी तिथि देवी दुर्गा की उपासना के लिए श्रेष्ठ मानी गई है। इस दिन मां दुर्गा की सच्चे मन से पूजा-आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में आने वाली हर समस्या का समाधान निकलता है।





































