मरीन्स कॉर्प्स ने शुक्रवार को हुए इस विमान क्रैश को अपनी क्लास ए दुर्घटना की श्रेणी में रखा है। अमेरिकी सेना में इसे विमान दुर्घटनाओं की सबसे गंभीर श्रेणी के रूप में जाना जाता है। इस श्रेणी का इस्तेमाल मुख्य रूप से तब किया जाता है जब नुकसान दो मिलियन डॉलर से ज्यादा का हो। इसके अलावा यदि कोई एयरक्राफ्ट पूरी तरह नष्ट हो जाए, तब भी इसे इसी श्रेणी में रखा जाता है। किसी सर्विस मेंबर की मौत होने की स्थिति में भी हादसे को क्लास ए दुर्घटना ही माना जाता है।
पूर्व में हुई सैन्य दुर्घटनाएं एयर फोर्स सेफ्टी सेंटर के आंकड़े इस प्रकार के विमानों की सुरक्षा को लेकर अहम जानकारी देते हैं। इन आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2000 के बाद से वायु सेना में क्लास ए दुर्घटनाएं लगातार दर्ज की गई हैं। अकेले अमेरिकी एयर फोर्स में एफ-35 एयरक्राफ्ट से जुड़ी कम से कम सत्रह अन्य दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा इस वर्ष भी अमेरिकी सैन्य विमानों से जुड़ी अन्य कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं। फ्लाइट सेफ्टी फाउंडेशन के डेटाबेस के अनुसार इस साल अमेरिका में सेना के एयरक्राफ्ट की कम से कम सात अन्य दुर्घटनाएं हुई हैं।
एफ-35 विमान की खासियत एफ-35 विमानों को दुनिया के सबसे आधुनिक और खतरनाक स्टील्थ फाइटर जेट्स में गिना जाता है। एफ-35बी विमान इस लड़ाकू जेट के कई बेहतरीन वर्शन में से एक सबसे खास वर्शन है। इस विशेष जेट में एक ऐसा उन्नत इंजन लगा है जो इसे कम दूरी में टेकऑफ करने की क्षमता देता है। इसके साथ ही यह विमान वर्टिकल लैंडिंग यानी सीधे ऊपर से नीचे उतरने के लिए भी खास तौर पर डिजाइन किया गया है। अमेरिकी सेना की ताकत बढ़ाने में इस लड़ाकू विमान का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान है।
विमान की भारी भरकम लागत गवर्नमेंट अकाउंटिंग ऑफिस के 2024 के एक विश्लेषण में इन विमानों की भारी संख्या का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, नेवी और एयर फोर्स के पास कुल मिलाकर 630 से ज्यादा एफ-35 मौजूद हैं। इन विमानों की कीमत बहुत ज्यादा है, जहां एक एफ-35बी की कीमत लगभग 109 मिलियन डॉलर है। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि सेना आने वाले दशकों के लिए 1800 से ज्यादा नए जेट खरीदेगी। जब इन सभी जेट्स को खरीदा जाएगा, तो पूरे एफ-35 प्रोग्राम की कुल लागत लगभग दो ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी।
सुरक्षा के मामले में अव्वल लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट नामक थिंक टैंक ने इस विमान की सुरक्षा पर अपना एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है। इस थिंक टैंक का मुख्य ध्यान डिफेंस टेक्नोलॉजी और राष्ट्रीय सुरक्षा के अहम मामलों पर रहता है। उनके अनुसार एफ-35 को अमेरिकी सेना के बेड़े में मौजूद सबसे सुरक्षित फाइटर जेट माना जाता है। 2015 में सेना में शामिल किए जाने के बाद से पुराने फाइटर्स की तुलना में इसमें काफी कम दुर्घटनाएं हुई हैं। इस अत्याधुनिक एफ-35 विमान के मॉडलों में जानलेवा दुर्घटनाओं की संभावना बहुत ही कम पाई गई है।
विमान दुर्घटनाओं का इतिहास सुरक्षित माने जाने वाले एफ-35 विमान की पांच दुर्घटनाओं में पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट करने में सफल रहे हैं। हालांकि इन दुर्घटनाओं के दौरान कम से कम एक पायलट के घायल होने की खबर सामने आई थी। यह पायलट मई 2024 में न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हुए क्रैश में घायल हुआ था। उस समय वह एफ-35 जेट टेक्सास से कैलिफोर्निया में स्थित एयर फोर्स बेस की ओर उड़ान भर रहा था। इन इक्का-दुक्का घटनाओं के बावजूद अमेरिकी सेना इस विमान की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताती है।


























































