सोमवार की अलसुबह अफगानिस्तान में भूकंप आने से अचानक धरती कांपने की खबर सामने आई। अफगानिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई, जो काफी तेज थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह भूकंप सोमवार सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर अचानक दर्ज किया गया था। भूकंप का मुख्य केंद्र जमीन की सतह से 130 किलोमीटर की गहराई में स्थित बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी भी प्रकार के जन-धन के नुकसान की खबर नहीं है।
पूर्व में भी आ चुके हैं दो बड़े झटके अफगानिस्तान में हाल के दिनों में भूगर्भीय हलचल में काफी तेजी देखने को मिल रही है। इससे पहले बीते 14 अगस्त को भी अफगानिस्तान में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे। बार-बार आ रहे इन झटकों की वजह से वहां के निवासियों में डर और दहशत का माहौल है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की टीम इलाके की हर एक हलचल पर सतर्कता से नजर रख रही है। फिलहाल सोमवार को आए इस नए झटके से किसी भी बड़ी तबाही की खबर नहीं मिली है।
म्यांमार में भी दर्ज की गई भूगर्भीय हलचल अफगानिस्तान के साथ-साथ भारत के एक और पड़ोसी देश म्यांमार में भी तड़के भूकंप आया। सोमवार को तड़के 2 बजकर 50 मिनट पर म्यांमार की धरती भूकंप के झटके से हिल उठी। रिक्टर पैमाने पर म्यांमार के इस भूकंप की कुल तीव्रता 3.9 मापी गई है, जो मध्यम थी। इस भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 89 किलोमीटर की गहराई पर स्थित पाया गया था। म्यांमार में आए इस झटके के बाद भी किसी जान-माल की हानि की सूचना सामने नहीं आई है।
नेपाल में भी बुधवार को आया था भूकंप सोमवार की घटनाओं से पहले बुधवार को पड़ोसी देश नेपाल में भी भूकंप का झटका आया था। नेपाल में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.8 मापी गई थी, जो कम तीव्रता का था। यह भूकंप शाम को 6 बजकर 59 मिनट पर दर्ज हुआ और इसका केंद्र 20 किलोमीटर गहरा था। नेपाल में भी इस आपदा के कारण किसी प्रकार की जनहानि या बड़ी तबाही नहीं दर्ज की गई। एशियाई क्षेत्र के इन तीनों देशों में लगातार भूकंप दर्ज होने से लोग काफी सतर्क हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है चिंता भारत सहित पूरी दुनिया में भूकंप के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जो चिंताजनक है। अतीत में आए कई विनाशकारी भूकंपों में हजारों निर्दोष लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं। यही वजह है कि जब भी किसी देश में झटके आते हैं, तो लोगों में दहशत फैल जाती है। एशियाई महाद्वीप में हाल के दिनों में एक के बाद एक कई देश भूकंप से प्रभावित हुए हैं। अफगानिस्तान, म्यांमार और नेपाल में हाल ही में दर्ज हुई घटनाएं इसी का ताजा उदाहरण हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भूकंप का विज्ञान विज्ञान के अनुसार धरती के अंदर मौजूद विशाल टेक्टोनिक प्लेटों में हमेशा गति बनी रहती है। जब ये प्लेटें आपस में जोर से टकराती हैं या खिसकती हैं तो प्रचंड दबाव पैदा होता है। इसके परिणामस्वरूप जमीन के नीचे संचित ऊर्जा बहुत ही भयानक वेग से बाहर निकलती है। इसी ऊर्जा के धरातल पर पहुंचने से पूरी जमीन पर तेज झटके महसूस किए जाने लगते हैं। यही एकमात्र मुख्य कारण है जिसकी वजह से अफगानिस्तान समेत दुनिया भर में भूकंप आते हैं।













































