उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के निवासियों और विद्यार्थियों के नाम एक संवेदनशील पाती जारी की है। इस पाती के माध्यम से मुख्यमंत्री ने शिक्षा प्रणाली, जीवन मूल्यों और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर विस्तृत विचार साझा किए। आगामी 8 सितंबर को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की पूर्व संध्या पर यह पत्र जनता को समर्पित किया गया। उन्होंने लिखा कि बच्चों को केवल साक्षर बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें चरित्रवान और अनुशासित नागरिक बनाना हमारा मुख्य ध्येय है। प्राचीन काल की गुरुकुल परंपरा की तरह आज भी हमारी शिक्षा व्यवस्था का मूल आधार जीवन मूल्यों की शिक्षा होना चाहिए।
शिक्षकों का सम्मान और गुरुकुल परंपरा का महत्व हाल ही में 5 सितंबर को आयोजित शिक्षक दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 81 शिक्षकों को सम्मानित किया था। शिक्षकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु ही वह प्रकाश पुंज हैं जो समाज को अज्ञानता के अंधेरे से बाहर निकालते हैं। ज्ञान वही सार्थक माना जाता है जो मनुष्य के दैनिक जीवन को सरल बनाए और संपूर्ण समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हो सके। हमारी प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति में गुरुकुलों का स्थान सर्वोच्च था जहाँ ज्ञान और नैतिक उत्तरदायित्व दोनों सिखाए जाते थे। आज की आधुनिक शिक्षा प्रणाली में भी इसी प्राचीन भाव और दायित्वबोध को पुनः स्थापित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक और एआई साक्षरता पर बल मुख्यमंत्री ने आधुनिक युग में तेजी से बदल रही तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव पर प्रकाश डाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के दौर में साक्षर होने का अर्थ केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि डिजिटल व एआई साक्षरता भी है। एआई, डीप-टेक और नई प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में नए आयाम खुल रहे हैं। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार हमारी पारंपरिक ज्ञान पद्धतियों को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और कौशल से लगातार जोड़ रही है। तकनीकी शिक्षा के इस प्रसार से राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
Lucknow में AI City का हो रहा विकास प्रदेश के तकनीकी ढांचों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दो प्रमुख शहरों की नई विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अत्याधुनिक एआई सिटी का निर्माण कर तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है। इसके साथ ही कानपुर शहर में ड्रोन और यूएवी (UAV) तकनीक का एक विशाल पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विकसित हो रहा है। ये दोनों बड़ी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को तकनीकी क्षेत्र में एक नई पहचान और अपार संभावनाएं प्रदान करने जा रही हैं। इन प्रयासों के माध्यम से प्रदेश का युवा वर्ग आधुनिक शोध, नवाचार और नई तकनीकों से सीधे तौर पर जुड़ सकेगा।
शिक्षा सुधार अभियानों के दिखे सकारात्मक परिणाम राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने कई प्रमुख अभियान संचालित किए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प और मिशन प्रेरणा से सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार आया है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मुफ्त कोचिंग सुविधाएं दी जा रही हैं। इन सभी समेकित प्रयासों का परिणाम है कि राज्य के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में ड्रॉपआउट दर काफी हद तक घट गई है। अब प्रदेश के रिकॉर्ड संख्या में बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़े बिना विद्यालयों में शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
साक्षर समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प पत्र के अंतिम भाग में मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक नागरिक से साक्षरता अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हमारे आसपास कोई निरक्षर व्यक्ति है तो उसे अक्षर ज्ञान कराना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। साक्षरता का यह पावन संकल्प बिना जन-सहभागिता और समाज के सामूहिक प्रयासों के पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर हर नागरिक यह प्रतिज्ञा ले कि हर बच्चा स्कूल जाएगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाएगा। हर युवा को हुनरमंद बनाया जाएगा और हर नागरिक को साक्षर बनाने के साथ-साथ डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक किया जाएगा।












































