समझौते की दिशा में आगे बढ़े दोनों देश: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत अब ऐसे चरण में पहुंच गई है, जहां दोनों पक्ष अंतिम मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान दे रहे हैं। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि बातचीत अब आखिरी दौर में है और दोनों देश समझौते के अंत के करीब हैं। हालांकि, उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि अभी किसी तत्काल घोषणा की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। 2026 जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में व्यापार वार्ता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में ग्रीर ने कहा कि दोनों पक्षों ने बातचीत में काफी प्रगति की है और अब बचे हुए महत्वपूर्ण मतभेदों पर काम किया जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि समझौते को लेकर बातचीत निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच फिर संवाद संभव: ग्रीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई हालिया बातचीत को काफी रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह अमेरिकी समय के अनुसार दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई और अब वे जल्द ही दोबारा बातचीत कर सकते हैं। अगली बातचीत में दोनों नेता व्यापार समझौते की दिशा में हुई प्रगति और मौजूदा स्थिति का जायजा ले सकते हैं। शीर्ष स्तर पर लगातार हो रहा यह संपर्क इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता के साथ-साथ कई अन्य रणनीतिक विषयों पर भी बातचीत चल रही है। ग्रीर के मुताबिक, आगे होने वाली बातचीत में अब तक हासिल प्रगति और आगे की राह पर चर्चा हो सकती है।
बचे हुए मुद्दों पर चल रही गहन बातचीत: अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि ने कहा कि भारत और अमेरिका ने उन मुद्दों की पहचान कर ली है, जिन पर अभी दोनों पक्षों के बीच मतभेद हैं। अब इन मुद्दों को सुलझाने के लिए अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं। ग्रीर ने यह भी कहा कि समझौते की बातचीत अंतिम चरण में होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी समय अंतिम घोषणा कर दी जाएगी। दोनों पक्षों को अभी कुछ विषयों पर सहमति बनानी है और इसके लिए बातचीत जारी रहेगी। इस स्थिति में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन अंतिम सहमति तक पहुंचने के लिए शेष मुद्दों का समाधान महत्वपूर्ण होगा।
पीयूष गोयल की ग्रीर से सीधी बातचीत: जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ मुलाकात की। दोनों के बीच हुई बातचीत को ग्रीर ने रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के अधिकारी भी अपने-अपने स्तर पर बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं और भारत के साथ व्यापार समझौते को पूरा करने के प्रयास लगातार जारी हैं। गोयल की ओर से भी इस मुलाकात के दौरान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत दोनों देशों के लिए लाभकारी अंतरिम समझौते को जल्द पूरा करने की दिशा में चर्चा की गई। इसका उद्देश्य व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाना और लंबित मुद्दों पर समाधान की दिशा में काम करना था।
7 फरवरी के संयुक्त बयान के अनुरूप अंतरिम समझौता: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की प्रक्रिया में अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय ने गोयल की अमेरिकी यात्रा से पहले स्पष्ट किया था कि बातचीत का उद्देश्य संतुलित और दोनों देशों के लिए लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुसार अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम किया जाना है। इसी उद्देश्य से गोयल और ग्रीर के बीच बैठक हुई। दोनों देशों के अधिकारी अब भी इस दिशा में लगातार बातचीत कर रहे हैं और बचे हुए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
व्यापार के साथ रक्षा और ऊर्जा पर भी समीक्षा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया बातचीत में दोनों देशों के संबंधों के कई अहम पहलुओं की समीक्षा की गई। इसमें व्यापार के अलावा रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और आपसी हित के अन्य क्षेत्र शामिल रहे। इसी पृष्ठभूमि में जेमिसन ग्रीर का यह बयान सामने आया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत अब अंतिम चरण में है। हालांकि उन्होंने तत्काल अंतिम घोषणा की संभावना से इनकार किया है, लेकिन यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने मतभेद वाले मुद्दों की पहचान कर ली है और उन्हें सुलझाने के लिए गंभीरता से काम हो रहा है। ऐसे में अब आगे की बातचीत और संभावित मोदी-ट्रंप संवाद से व्यापार समझौते की अगली दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
















































