Glasgow में खेले जा रहे Commonwealth Games 2026 का पांचवां दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए बहुत ही शानदार रहा। इस खेल प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारतीय दल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल छह मेडल अपने नाम किए। इन शानदार जीतों के साथ ही इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत का दबदबा एक बार फिर से देखने को मिला है। इन छह पदकों के जुड़ने से भारत की पदक तालिका में काफी मजबूत स्थिति बन गई है। सभी एथलीट्स ने अपनी पूरी मेहनत और लगन से देश का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है।
शर्मिला ने जीता ऐतिहासिक गोल्ड: भारतीय पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को इस प्रतियोगिता का दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने महिलाओं की पैरा शॉट पुट (गोला फेंक) स्पर्धा में हिस्सा लेते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस स्पर्धा में उन्होंने 9.81 मीटर दूर गोला फेंककर इस साल का अपना सबसे बेहतरीन थ्रो किया। अपने इस सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने खेल जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। यह भारत के लिए गर्व का क्षण था क्योंकि इससे पहले मीराबाई चानू ने देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था।
बीस साल का इंतजार हुआ खत्म: शर्मिला की इस शानदार जीत के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स पदक के लिए भारत का बीस साल लंबा इंतजार खत्म हो गया। वह पैरा एथलेटिक्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। इसके साथ-साथ वह इन खेलों में पैरा एथलेटिक्स पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव भी पा चुकी हैं। उनकी यह कामयाबी आने वाली कई पीढ़ियों और युवा खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बनेगी। इस जीत ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स के सुनहरे भविष्य की मजबूत और शानदार नींव पूरी तरह से रख दी है।
शिल्पा को मिला ब्रॉन्ज मेडल: इसी पैरा शॉट पुट गोला फेंक प्रतियोगिता में भारत की महिला एथलीट शिल्पा के. शायला भी पूरी मजबूती से शामिल थीं। प्रतियोगिता के दौरान वह पहले चौथे नंबर पर मौजूद थीं, लेकिन बाद में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। नाइजीरिया की खिलाड़ी यूकारिया इयियाजी का पहला प्रयास रद्द कर दिया गया और उनका कोई भी थ्रो वैलिड नहीं रहा। इस बड़े कारण की वजह से शिल्पा को तीसरे नंबर पर लाकर ब्रॉन्ज मेडल दे दिया गया। इस तरह भारत को पैरा शॉट पुट स्पर्धा में एक साथ दो बड़े मेडल प्राप्त हुए।
सर्वेश और अजय का शानदार प्रदर्शन: भारतीय एथलीट सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। इसके साथ ही वह हाई जंप के खेल में पदक हासिल करने वाले भारत के पहले खिलाड़ी सफलतापूर्वक बन गए हैं। दूसरी ओर, वेटलिफ्टर वल्लुरी अजय बाबू ने भी पुरुषों के 79 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। हालांकि, वह महज एक किलोग्राम वजन के मामूली अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से बहुत करीब से चूक गए। इसके अलावा ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर और बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं की वेटलिफ्टिंग में शानदार ब्रॉन्ज मेडल दिलाया।
पदक तालिका में भारत की स्थिति: प्रतियोगिता के पांचवें दिन वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में भारतीय एथलीट्स का यह दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला। इस शानदार दिन के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में अब भारत के पदकों की कुल संख्या बढ़कर दस हो गई है। इन दस पदकों में भारत के पास अब तक दो गोल्ड, पांच सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल पूरी तरह शामिल हैं। इन पदकों की बदौलत भारत वर्तमान में पदक तालिका में आठवें स्थान पर मजबूती से मौजूद है। वहीं दूसरी तरफ, पहले स्थान पर 18 गोल्ड समेत कुल 42 मेडल के साथ ऑस्ट्रेलिया की टीम काबिज है।


























































