मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच एक बहुत ही बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। Iran की तरफ से समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से दुनिया को बहुत बड़ी धमकी दी गई है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने यह बेहद कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका देश तेहरान Strait of Hormuz पर अपना पूरा नियंत्रण बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण नियंत्रण को कायम रखने के लिए ईरान किसी भी तरह के कड़े कदम उठाने पर गंभीरता से विचार करेगा।
युद्ध फिर से शुरू होने का खतरा: उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी के इस ताजा बयान ने पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की आशंकाओं को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने अपनी चेतावनी में यह भी साफ़ कर दिया है कि ईरान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। Strait of Hormuz पर नियंत्रण के इस कड़े प्रयास में उनके द्वारा युद्ध को फिर से शुरू करना भी पूरी तरह से शामिल है। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि ईरान अपने रणनीतिक जलमार्गों को लेकर बिल्कुल भी समझौता करने के मूड में नहीं है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई गतिरोध पैदा होता है, तो ईरान इस अहम जलमार्ग पर भयंकर सैन्य टकराव के लिए तैयार है।
फ़ार्स समाचार एजेंसी की विस्तृत रिपोर्ट: ईरान के उप-विदेश मंत्री द्वारा दी गई इस ताजा और भयंकर धमकी की जानकारी स्थानीय मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया में फैली है। फ़ार्स समाचार एजेंसी की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार ग़रीबाबादी ने कई बेहद संवेदनशील और अहम सामरिक मुद्दों पर अपनी बात रखी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में Oman के तट के पास मौजूद समुद्री रास्तों और वहां की मौजूदा रणनीतिक स्थिति का भी बारीकी से जिक्र किया गया है। ईरान हमेशा से इन अहम समुद्री जलमार्गों पर अपनी मजबूत पकड़ और भारी सैन्य दबदबे को बनाए रखने की कोशिश करता रहा है। फ़ार्स समाचार एजेंसी ने अपनी इस रिपोर्ट में Strait of Hormuz के आसपास के समुद्री इलाकों में ईरान की आक्रामक सैन्य नीतियों को उजागर किया है।
दक्षिणी रास्ते और संप्रभुता का मसला: अपनी बातचीत के दौरान ग़रीबाबादी ने समुद्री सीमाओं और अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता को लेकर एक बहुत ही गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान Oman के तट के पास कोई नया दक्षिणी रास्ता खोलता है, तो इससे एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती खड़ी हो जाएगी। उनका ऐसा मानना है कि नया रास्ता खोलने के बाद ईरान इस समुद्री क्षेत्र में अपनी संप्रभुता का सही तरीके से इस्तेमाल बिल्कुल नहीं कर पाएगा। ईरान नहीं चाहता कि उसकी समुद्री हदों के पास ऐसा कोई भी नया मार्ग बने जिससे उसके पूर्ण नियंत्रण में कोई भी कमी आए। इसलिए वह अपने मौजूदा समुद्री रास्तों पर ही अपनी पूरी संप्रभुता को बिना किसी विदेशी दखल के कायम रखना चाहता है।
ओमान के तट के पास गोलीबारी का इतिहास: Oman के तट के पास के जिस दक्षिणी रास्ते का जिक्र ईरान ने किया है, वहां का पिछला इतिहास काफी ज्यादा हिंसक रहा है। ईरान के उप-विदेश मंत्री ने भी अपने बयान में इस बात की याद दिलाई है कि वह इलाका पहले से ही सैन्य टकराव का गवाह रहा है। आपको बता दें कि यह वही समुद्री इलाका है जहां ईरान ने अपनी सैन्य ताकत दिखाते हुए पहले ही जहाज़ों पर भारी गोलीबारी की थी। ईरान की सेना ने इस रास्ते से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को पहले भी अपने आक्रामक सैन्य अभियानों का निशाना बनाया था। उस पुरानी गोलीबारी की घटना के कारण ही ईरान अब उस क्षेत्र में किसी भी नए रास्ते के खुलने को लेकर इतना ज्यादा सतर्क और उग्र है।
यूरोपीय जहाजों को निशाना बनाने का ऐलान: अपनी संप्रभुता और नियंत्रण की बात को आगे बढ़ाते हुए उप-विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों को एक बहुत ही सीधा और डरावना संदेश दिया है। उन्होंने अपनी चेतावनी को और कड़ा करते हुए अब Europe के देशों के समुद्री व्यापार के लिए एक बहुत बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। ग़रीबाबादी ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि Strait of Hormuz के पास आने वाला कोई भी यूरोपीय जहाज़ अब पूरी तरह से असुरक्षित होगा। उन्होंने खुले तौर पर यह बड़ा ऐलान किया है कि होर्मुज़ के करीब पहुंचने वाला हर यूरोपीय जहाज हमारा एकदम वैध निशाना माना जाएगा। ईरान की इस अंतिम और सबसे खतरनाक धमकी के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर एक नया संकट गहरा गया है।









































