Middle East में चल रहे भारी तनाव के बीच Iran के विदेश मंत्री ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अपने आधिकारिक X पोस्ट के जरिए अमेरिका को एक बहुत कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी दूसरे देश की संपत्ति को फ्रीज करके उसका गलत इस्तेमाल करना पूरी तरह अनुचित है। उनके अनुसार ऐसे दावों का निपटारा करना जिनका उस पैसे से कोई लेना-देना नहीं है, अंतरराष्ट्रीय नियमों को कमजोर करेगा। इस तरह के एकतरफा और मनमाने फैसले पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से भारी अस्थिरता पैदा करने का काम करेंगे।
मुआवजे के दावों को उकसाने वाला कदम बताया: ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका की इस विवादास्पद भरपाई योजना को एक बहुत ही उकसाने वाला कदम करार दिया है। Seyed Abbas Araghchi ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भविष्य के ऐसे दावों के लिए किसी देश की संपत्ति फ्रीज करना एक तरह का उकसाना है। यह उकसावा दोनों देशों के बीच चल रहे इस भीषण संघर्ष को भविष्य में और अधिक भड़काने का काम कर सकता है। जो लोग या देश इस तरह के अनुचित फंड का फायदा उठाएंगे, उन्हें इसके गंभीर परिणाम हमेशा याद रखने चाहिए। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने रोके गए पैसों का ऐसा मनमाना इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
संपत्ति की सुरक्षा पर उठे गंभीर वैश्विक सवाल: इस विवाद ने वैश्विक स्तर पर देशों की संप्रभु संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि एक बार जब सरकारें संपत्ति फ्रीज करने और उसके इस्तेमाल को सामान्य मान लेंगी, तो हालात बिगड़ेंगे। इसके बाद पूरी दुनिया में किसी भी देश या व्यक्ति की संपत्ति पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रह जाएगी। इस गलत परंपरा की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो भारी अराजकता फैलेगी, वह किसी के लिए भी अच्छी नहीं होगी। इससे विश्व में शांतिपूर्ण माहौल पूरी तरह खत्म हो जाएगा और कूटनीतिक असुरक्षा की भावना तेजी से बढ़ेगी।
खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर की सैन्य तैयारी: इस राजनयिक चेतावनी के साथ-साथ Iran की सेना ने भी जमीनी स्तर पर अपनी पूरी सैन्य तैयारी कर ली है। खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी संपत्ति की रक्षा सैन्य बल से करेंगे। IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना उन सभी कमर्शियल जहाजों को होर्मुज से गुजरने से रोक देगी जो इस योजना में शामिल होंगे। यह सख्त नाकाबंदी उन कंपनियों के खिलाफ होगी जो संघर्ष में हुए नुकसान की भरपाई ईरान की फ्रीज संपत्ति से करेंगी। सैन्य बल के प्रयोग की यह खुली चेतावनी अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक बहुत बड़ा सीधा संदेश है।
युद्ध के दौरान जहाजों को हुए नुकसान का विवाद: अमेरिका का यह सीधा दावा है कि जंग के दौरान क्षतिग्रस्त हुए कमर्शियल जहाजों के लिए मुआवजा मिलना बेहद जरूरी है। लेकिन ईरान का साफ कहना है कि यह युद्ध और असुरक्षा खुद अमेरिकी सेना की तरफ से ही क्षेत्र में पैदा की गई है। ईरानी प्रवक्ता के अनुसार होर्मुज के दक्षिण में गैर-कानूनी और असुरक्षित रास्ते के उल्लंघन के चलते यह युद्ध ईरान पर थोपा गया था। इसी थोपे गए युद्ध के दौरान समुद्री जहाजों को निशाना बनाया गया और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा था। इसलिए इस नुकसान के लिए अमेरिका जिम्मेदार है और इसके लिए ईरानी संपत्ति का इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान से उपजा ताजा संकट: यह पूरा कूटनीतिक और सैन्य संकट US के बयानों के कारण एक नए और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दरअसल Donald Trump ने खुलेआम कहा था कि समुद्री संपत्तियों को होने वाले किसी भी तरह के नुकसान की भविष्य में भरपाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह वित्तीय भरपाई पूरी तरह अमेरिका के कंट्रोल वाले ईरानी पैसे से ही की जाने वाली है। भविष्य में जहाजों और कार्गो को होने वाले नुकसान को भी इसी फ्रीज संपत्ति के दायरे में रखा गया है। इस विवादित फैसले ने ही ईरान को कड़े सैन्य और कूटनीतिक कदम उठाने के लिए पूरी तरह मजबूर कर दिया है।


























































