फैटी लिवर को एक ‘साइलेंट किलर’ माना जाता है, क्योंकि इसके लक्षण बहुत देर से नजर आते हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह लिवर सिरोसिस और लिवर फेलियर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है।
शराब ही नहीं, ये भी हैं मुख्य कारण
आमतौर पर माना जाता है कि फैटी लिवर केवल शराब पीने से होता है, लेकिन प्रसिद्ध योग गुरु डॉ. हंसाजी योगेंद्र के अनुसार इसके अन्य मुख्य कारण भी हैं:
- खराब लाइफस्टाइल: आजकल मेटाबॉलिक डिसफंक्शन (Metabolic Dysfunction) फैटी लिवर का एक बहुत बड़ा कारण बन चुका है।
- अनहेल्दी डाइट: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, पिज्जा, बर्गर, बिस्कुट और केक का अधिक सेवन लिवर पर भारी दबाव डालता है।
- शुरुआती संकेत: हर वक्त जरूरत से ज्यादा थकान महसूस होना, और खाना खाने के बाद पेट में भारीपन या बहुत ज्यादा आलस व नींद आना फैटी लिवर के संकेत हो सकते हैं।
लिवर के लिए फायदेमंद योगासन
नियमित रूप से योग करने से तनाव कम होता है, वजन नियंत्रित रहता है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। लिवर को स्वस्थ और डिटॉक्स रखने के लिए निम्नलिखित आसनों का अभ्यास करें:
- मंडूकासन और नौकासन
- अर्ध मत्स्येन्द्रासन और भुजंगासन
- सेतुबंध आसन और अधोमुख श्वानासन
- सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और सूर्य भेदन
- लिवर में ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ाने और डिटॉक्स करने के लिए अग्निसार क्रिया व कपालभाति अत्यंत लाभकारी हैं।
लिवर को स्वस्थ रखने के घरेलू उपाय
दवाइयों के अलावा कुछ आसान घरेलू नुस्खों से भी लिवर की कार्यक्षमता को सुधारा जा सकता है:
- सौंफ का पानी: रात में 1 चम्मच सौंफ एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इसे हल्का गर्म करके छान लें और ठंडा होने पर पिएं। इससे लिवर का फैट डाइजेशन लोड कम होता है।
- जीरा या अजवाइन का पानी: दिन में एक बार खाना खाने के बाद इसे पीने से बाइल फ्लो (Bile flow) अच्छा होता है और लिवर में अतिरिक्त फैट जमा नहीं होता।
- हल्दी और नींबू: दो मील्स (Meals) के बीच 1 गिलास पानी में थोड़ा सा नींबू और एक चुटकी हल्दी डालकर पिएं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) लिवर एंजाइम को रिपेयर करने में मदद करता है।
- हेल्दी डाइट: सुबह खाली पेट पपीता खाएं। इसके अलावा नाश्ते में चुकंदर के कुछ टुकड़े और भीगे हुए बादाम शामिल करने से लिपिड मेटाबॉलिज्म रेगुलेट होता है।
Disclaimer (अस्वीकरण): इस आर्टिकल में दिए गए सुझाव और टिप्स केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी फिटनेस प्रोग्राम, डाइट में बदलाव या किसी बीमारी का घरेलू उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


























































