अमेरिकी राजनीति में उस समय अचानक भारी शोक की लहर दौड़ गई जब एक बहुत ही वरिष्ठ नेता का निधन हो गया। बीते 10 जुलाई को इस कड़े प्रतिबंध कानून के ऐलान के ठीक अगले दिन रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की असामयिक मृत्यु हो गई। सामने आई मेडिकल जानकारी के अनुसार उनकी अचानक हुई इस मौत की मुख्य वजह ‘एओर्टिक टियर’ यानी हृदय की धमनी का फटना बताई गई है। यह घटना इसलिए भी काफी हैरान करने वाली थी क्योंकि वह हाल ही में यूक्रेन की एक अहम यात्रा से सही-सलामत वापस लौटे थे। अपनी उस अंतिम विदेश यात्रा के दौरान ही उन्होंने राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात करके वहां के युद्ध के हालातों का जायजा लिया था।
अंतिम संस्कार और ऐतिहासिक वोटिंग: मंगलवार को अमेरिका में पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम का एक भावुक अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस भावुक कार्यक्रम के समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद सीनेट ने उनके द्वारा तैयार किए गए अहम बिल पर वोटिंग प्रक्रिया शुरू कर दी। यह एक बेहद ही दुर्लभ संयोग था कि जिस दिन उन्हें अंतिम विदाई दी गई, उसी दिन उनका यह महत्वपूर्ण सपना साकार हुआ। राष्ट्रपति जेलेंस्की स्वयं उनके अंतिम संस्कार वाले इस महत्वपूर्ण और बेहद भावुक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष रूप से वहां पहुंचे थे। यह वोटिंग प्रक्रिया असल मायने में दिवंगत सीनेटर के उस कठोर परिश्रम और उनकी दूरगामी सोच को दी गई एक सच्ची श्रद्धांजलि थी।
द्विदलीय बैठक का आयोजन: वोटिंग वाले दिन वॉशिंगटन में दोनों प्रमुख पार्टियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ एक बहुत ही अहम और बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस खास और महत्वपूर्ण बैठक में 60 से भी ज्यादा प्रभावशाली सीनेटर मौजूद थे, जिन्होंने यूक्रेन के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया। जेलेंस्की ने इस भारी समर्थन के लिए वहां मौजूद सभी अमेरिकी राजनेताओं का तहे दिल से धन्यवाद और गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने सीनेटरों को विस्तार से बताया कि यूक्रेन के सैनिक फ्रंट लाइन पर किस तरह पूरी बहादुरी के साथ अपना अहम काम कर रहे हैं। अमेरिकी राजनेताओं ने भी रूस के भयानक हमलों का एकदम सही जवाब देने की यूक्रेन की असाधारण क्षमता की अपनी तरफ से जमकर तारीफ की।
रूस पर कड़े प्रतिबंध: यह नया और बेहद कड़ा कानून मुख्य रूप से रूस को आर्थिक रूप से पूरी तरह से पंगु बनाने के साफ उद्देश्य से बनाया गया है। दिवंगत लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मिलकर इस बिल के कड़े प्रावधानों को बहुत ही बारीकी के साथ तैयार किया था। इस कानून के तहत अब रूस से तेल, गैस और अन्य सामान खरीदने वाले बाहरी देशों को भी अमेरिका की कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। यह बिल अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूस के सभी व्यापारिक साझेदारों को एक बहुत ही स्पष्ट और बेहद सख्त चेतावनी देने का काम करता है। वोटिंग में 86-12 के भारी अंतर से मिली जीत यह दिखाती है कि इस अहम मुद्दे पर पूरा का पूरा अमेरिका एकजुट होकर खड़ा है।
सुरक्षा मुद्दों पर गहन चर्चा: इस महत्वपूर्ण बिल पर वोटिंग के अलावा इस बैठक में युद्ध से जुड़े कई अन्य अहम तकनीकी मुद्दों पर भी बड़े विस्तार से बात हुई। जेलेंस्की ने मीडिया को बताया कि उन्होंने सीनेटरों के साथ सबसे अहम मुद्दे यानी आधुनिक एंटी-बैलिस्टिक डिफेंस प्रणाली पर बहुत गंभीर चर्चा की है। उन्होंने समय पर जरूरी सैन्य मदद उपलब्ध कराने की अमेरिका की इस तत्परता के लिए सभी उच्च अधिकारियों का बहुत धन्यवाद किया। अमेरिका की तरफ से मिलने वाली यह आधुनिक सैन्य तकनीक यूक्रेन को भविष्य में रूस के भारी हवाई हमलों से बचाने में बेहद कारगर साबित होगी। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हुए इस विचार-विमर्श से भविष्य की युद्ध नीतियों को एक नई और बेहद मजबूत दिशा भी मिलेगी।
भविष्य की अहम योजनाएं: वोटिंग की अंतिम गिनती के समय अमेरिकी सीनेट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना जेलेंस्की के लिए सच में एक बहुत बड़े सम्मान की बात थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस नए बिल का पास होना लिंडसे ग्राहम की पुरानी योजनाओं को लागू करने की दिशा में सिर्फ पहला कदम है। यूक्रेन के राष्ट्रपति का यह दृढ़ विश्वास है कि यह कड़ा आर्थिक प्रतिबंध अंततः इस लंबे युद्ध को समाप्त करके शांति की ओर ले जाएगा। उन्होंने अपनी बात पर जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रतिबंध प्रणाली का जमीन पर सही तरीके से काम करना अब सबसे ज्यादा जरूरी है। अंत में उन्होंने यह खास उम्मीद जताई कि ग्राहम का यह आखिरी प्रयास रूस के खिलाफ चल रहे इस भीषण युद्ध में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा।








































