सनातन धर्म में सावन अमावस्या (हरियाली अमावस्या) का विशेष महत्व है। आने वाले दिनों में सूर्य ग्रहण, चंद्रमा का मकर राशि में गोचर और चोर पंचक जैसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाक्रम होने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इनका आपकी राशि और जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
1. सावन अमावस्या का सूर्य ग्रहण (12-13 अगस्त)
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे से 13 अगस्त की तड़के 4:25 बजे तक रहेगा। भारत में दृश्य न होने के बावजूद, यह ग्रहण इन 4 राशियों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी साबित होगा:
- मेष (Aries): लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे। धन निवेश से अच्छा रिटर्न मिलेगा और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियों के साथ प्रमोशन के प्रबल योग हैं।
- मिथुन (Gemini): आय के नए स्रोत बनेंगे और अचानक धन लाभ होगा। व्यापार में अच्छा मुनाफा होगा और विदेश में नौकरी का सपना पूरा हो सकता है।
- सिंह (Leo): यह ग्रहण आपके लिए वरदान समान है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, कार्यस्थल पर प्रशंसा मिलेगी और नया काम शुरू करने के अवसर प्राप्त होंगे।
- धनु (Sagittarius): अचानक धन प्राप्ति और पैतृक संपत्ति से लाभ की संभावना है। विदेश यात्रा के योग बनेंगे और संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है।
2. चंद्रमा का मकर राशि में गोचर (28 जुलाई)
आज 28 जुलाई की रात 7:50 बजे चंद्रमा धनु से निकलकर अपनी शत्रु राशि मकर में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के दौरान निम्नलिखित 3 राशियों को आर्थिक और करियर के मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी होगी:
| राशि | प्रभाव और आवश्यक सावधानियां | अचूक उपाय |
| मिथुन (Gemini) | आठवें भाव में गोचर के कारण दुर्घटना की आशंका है। वाहन अत्यंत सावधानी से चलाएं, कीमती सामान की सुरक्षा करें और ऑफिस की राजनीति से दूर रहें। | गणेश जी की विधिवत पूजा करें। |
| सिंह (Leo) | छठे भाव में गोचर से आपके विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। धन के लेन-देन से बचें, बजट बनाकर चलें और पारिवारिक मामलों में संयम बरतें। | हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें। |
| कुंभ (Aquarius) | बारहवें (हानि) भाव में गोचर से संचित धन खर्च हो सकता है। अपनी वाणी पर सख्त नियंत्रण रखें अन्यथा सामाजिक स्तर पर नुकसान और मानसिक तनाव हो सकता है। | भगवान शिव की आराधना करें। |
3. चोर पंचक: भूलकर भी न करें ये 7 काम (31 जुलाई 2026 से)
जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करता है और रेवती नक्षत्र से निकलता है, तब पंचक काल होता है। 31 जुलाई (शुक्रवार) से शुरू होने वाले इस पंचक को ‘चोर पंचक’ कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान इन 7 कार्यों को करने से सख्त परहेज करना चाहिए:
- नया कारोबार: नया बिजनेस शुरू करने से लाभ की जगह भारी आर्थिक हानि हो सकती है।
- वित्तीय निवेश: जमीन-जायदाद की खरीदारी या शेयर बाजार में पैसों का निवेश बिल्कुल न करें।
- दक्षिण दिशा की यात्रा: इस दिशा में यात्रा करने से चोरी या किसी बड़ी दुर्घटना का भय रहता है।
- मांगलिक कार्य: मुंडन, विवाह, गृह प्रवेश या कोई भी शुभ कार्य इस दौरान वर्जित माने जाते हैं।
- खरीदारी: लोहे की वस्तुएं और नए कपड़े खरीदने से बचें।
- ज्वलनशील पदार्थ: ईंधन या किसी भी प्रकार की ज्वलनशील वस्तु को खरीदने या जमा करने से बचें।
- धन का लेन-देन: इस अवधि में किसी को न तो उधार दें और न ही किसी से उधार लें।

























































