भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना को पूर्ण रूप से समर्पित पावन पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) चल रहा है। इस अधिमास के 17वें दिन यानी आज 2 जून 2026 (मंगलवार) को ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। इस पवित्र महीने में जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना का विशेष विधान शास्त्रों में बताया गया है।
पुरुषोत्तम मास का धार्मिक महत्व
हिन्दू धर्म में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) को भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम अवसर माना जाता है।
- इस महीने में विष्णु सहस्रनाम पाठ, श्री हरि की कथा का श्रवण और दान-पुण्य करने का अत्यंत विशेष महत्व है।
- इस माह में विशेष रूप से मालपुआ (एक खास तरह की पारंपरिक मिठाई) दान करने की भी गहरी धार्मिक मान्यता है।
तिथि, नक्षत्र और योग
- तिथि: द्वितीया तिथि आज शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ हो जाएगा।
- नक्षत्र: मूल नक्षत्र आज रात 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगा, उसके पश्चात पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा।
- योग: साध्य योग सुबह 7 बजकर 16 मिनट तक रहेगा।
- करण: तैतिल करण सुबह 5 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति
दृक पंचांग की गणना के अनुसार, आज का दिन शुभ कार्यों के लिए बेहद अनुकूल है क्योंकि आज अभिजीत और विजय दोनों शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं।
- सूर्योदय: प्रातः 5:23 बजे
- सूर्यास्त: सायं 7:15 बजे
- चंद्रोदय: रात्रि 9:19 बजे
- चंद्रास्त: अगले दिन (3 जून) प्रातः 6:26 बजे
पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय (शुभ मुहूर्त)
आज 2 जून के शुभ मुहूर्त और योग इस प्रकार हैं, जिनमें कोई भी नया या मंगल कार्य शुरू किया जा सकता है:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:02 बजे से 4:43 बजे तक।
- प्रातः सन्ध्या: प्रातः 4:23 बजे से 5:23 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 बजे से 12:47 बजे तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:38 बजे से 3:33 बजे तक।
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 7:14 बजे से 7:34 बजे तक।
- अमृत काल: दोपहर 2:55 बजे से 4:43 बजे तक।
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:59 बजे से देर रात 12:39 बजे तक।
अशुभ समय (इस दौरान रखें विशेष सावधानी)
पंचांग के अनुसार इन समयों पर कोई भी नया या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए:
- राहुकाल: दोपहर बाद 3:47 बजे से 5:31 बजे तक।
- यमगण्ड: प्रातः 8:51 बजे से 10:35 बजे तक।
- गुलिक काल: दोपहर 12:19 बजे से 2:03 बजे तक।
- दुर्मुहूर्त: प्रातः 8:10 बजे से 9:05 बजे तक।
- आडल योग: प्रातः 5:23 बजे से रात्रि 10:06 बजे तक।
- वर्ज्य समय: रात्रि 8:18 बजे से 10:06 बजे तक, और फिर रात्रि 11:18 बजे से 11:59 बजे तक।


























































