धार्मिक तौर पर अगर देखा जाए तो खरमास बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दौरान केवल ईश्वर का ध्यान और पूजा पाठ के काम करना उत्तम माना जाता है ज्योतिष की मानें तो जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो खरमास का आरंभ हो जाता है साल 2022 में खरमास आज यानी 16 दिसंबर से आरंभ हो चुका है और इसका समापन 15 जनवरी 2023 को होगा।

हिंदू धर्म के अनुसार खरमास को शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए ठीक समय नहीं माना जाता है इस दौरान इन कार्यों को करना वर्जित बताया गया है अगर कोई खरमास के दिनों में शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य करता है तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है शास्त्रों में खरमास को लेकर कई सारे नियम बताए गए है तो आज हम उन्हीं के बारे में बात कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।

जानिए खरमास से जुड़े नियम-
आपको बता दें कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास का आरंभ हो चुका है इस दौरान शुभ व मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है क्योंकि खरमास में शुभ कार्यों को करने से अशुभ फलों की प्राप्ति होती है ज्योतिष की मानें तो धनु राशि के स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति माने गए हैं मान्यता है कि सूर्य देव जब भी बृहस्पति की राशि पर भ्रमण करते हैं

तो मनुष्य के लिए यह अच्छा नहीं होता है ऐसे में उनका सूर्य कमजोर हो जाता है इस दौरान सूर्य की चाल बहुत धीमी रहती है जिससे की विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेउ संस्कार आदि जैसे शुभ व मांगलिक कार्य करने पर अशुभ परिणामों को झेलना पड़ता है इस दौरान केवल भगवान की पूजा आराधना और मंत्र जाप करना उत्तम रहता है इससे विशेष फल की प्राप्ति होती है।















































