गोरखपुर। ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय, गोरखपुर के बहिरंग प्रखण्ड में
07 सितम्बर, 2026 को ‘राष्ट्रीय पोषण सप्ताह‘ के समापन अवसर पर एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया
गया।

संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य मरीजों एवं उनके परिजनों तथा चिकित्सालय के कर्मचारियों को संतुलित एवं पौष्टिक
आहार, उचित खान-पान एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर चिकित्सा
निदेशक डॉ० मो० ए.ए. खान, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ० नन्द किशोर प्रसाद एवं डॉ० यशांशु गुप्ता, डायटीशियन
श्रीमती रीता सिंह सहित मरीज एवं उनके परिजनों तथा चिकित्साकर्मी उपस्थित थे।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये चिकित्सा निदेशक डॉ० मो० ए.ए. खान ने उपस्थित लोगों को संतुलित
आहार एवं सही खान-पान के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिये
पौष्टिक तथा संतुलित भोजन के साथ-साथ नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, शारीरिक सक्रियता एवं स्वास्थ्य के प्रति
जागरूकता आवश्यक है। चिकित्सा निदेशक ने उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों को दैनिक जीवन में पौष्टिक खाद्य
पदार्थों को सम्मिलित करने तथा अत्यधिक तला-भुना, अधिक नमक एवं चीनी युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने
की सलाह दी।
इसके पूर्व, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ० नन्द किशोर प्रसाद ने स्वस्थ जीवनशैली एवं बेहतर स्वास्थ्य के लिये
नियमित दिनचर्या तथा चिकित्सकीय परामर्श के महत्व पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ० यशांशु गुप्ता ने
उपस्थित लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार
आहार एवं दिनचर्या अपनाने हेतु प्रेरित किया।
डायटीशियन श्रीमती रीता सिंह ने पोषण एवं संतुलित आहार के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने
कहा कि व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य एवं शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप उचित आहार का चयन किया जाना
चाहिये। श्रीमती रीता सिंह ने उपस्थित लोगों को भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलन बनाये रखने, पर्याप्त
मात्रा में पानी पीने तथा स्वस्थ खान-पान की आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने हेतु प्रेरित किया।
संगोष्ठी के दौरान उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों द्वारा पोषण एवं आहार से सम्बन्धित विभिन्न प्रश्न
पूछे गये, जिनका वरिष्ठ चिकित्सकों एवं डायटीशियन द्वारा सरल एवं व्यवहारिक रूप से समाधान किया गया। इस
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों को ‘सही पोषण-स्वस्थ जीवन‘ के संदेश के साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति
जागरूक एवं जिम्मेदार बनने के लिये प्रेरित किया गया।






































