12वीं की बोर्ड परीक्षा के रद होने के बाद छात्रों की निगाहें अब नीट (नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) और जेईई (ज्वाइंट एंट्रेंस एक्जाम) मेंस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं पर टिकी है। यानी यह कब और कैसे होंगी। जो संकेत मिल रहे हैं, उनमें नीट परीक्षा की तारीख को और आगे बढ़ाया जा सकता है। इसे अब सितंबर में कराने की संभावना है। फिलहाल यह परीक्षा अभी एक अगस्त को प्रस्तावित है। वहीं परीक्षा का पैटर्न पहले की तरह ऑफलाइन यानी पेन और पेपर मोड में होगा।
एनटीए से जुड़े सूत्रों की मानें तो नीट से पहले अब जुलाई और अगस्त में जेईई मेंस के बचे दो चरणों की परीक्षा कराने को लेकर चर्चा चल रही है। इन दोनों ही चरणों की परीक्षा अप्रैल व मई में प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना के बढ़े संक्रमण के बाद इन्हें स्थगित कर दिया गया था। वैसे भी पिछले साल भी जेईई मेंस की स्थगित परीक्षा को पहले कराया गया था। वहीं नीट की परीक्षा पिछले साल भी सितंबर में कराई गई थी।
फिलहाल संक्रमण की स्थिति को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए योजना को अंतिम रूप देने में जुटा है। माना जा रहा है कि एनटीए अगले हफ्ते तक परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देगी। ताकि छात्र इस चिंता से मुक्त होकर अपनी तैयारी की ओर ध्यान दे सकें। सूत्रों के मुताबिक एनटीए वैसे तो आनलाइन परीक्षा पर भी काम रहा है, लेकिन वह इसे अभी सिर्फ कुछ छोटी परीक्षाओं में ही इस्तेमाल कर रहा है।
नीट और जेईई मेंस जैसी परीक्षाओं को अभी वह पुराने पैटर्न पर ही कराने के पक्ष में है। इसके तहत नीट की परीक्षा आफलाइन और पेन-पेपर मोड में होगी, जबकि जेईई मेंस की परीक्षा कंप्यूटर बेस होगी। दोनों ही परीक्षाओं के लिए छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर आना होगा। गौरतलब है कि इन दोनों ही परीक्षाओं में लाखों की संख्या में छात्र हिस्सा लेते हैं। वर्ष 2020 में जेईई की परीक्षा में करीब आठ लाख और नीट की परीक्षा में करीब 14 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था।





































