13 जून 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष रहने वाला है। आज अधिक ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और साथ ही भगवान शिव की आराधना को समर्पित ‘मासिक शिवरात्रि’ का पावन व्रत भी रखा जाएगा। जो श्रद्धालु सच्चे मन से महादेव की पूजा-अर्चना करते हैं, उनके लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या यात्रा को आरंभ करने से पहले तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। आइए विस्तार से जानते हैं आज के पंचांग की संपूर्ण जानकारी।
तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति
आज के दिन पंचांग के अनुसार तिथि, नक्षत्र और योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो विभिन्न कार्यों के लिए शुभता प्रदान करेगा:
- तिथि का विवरण: आज अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 4 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। इसके पश्चात् भगवान शिव को अत्यंत प्रिय चतुर्दशी तिथि का आरंभ हो जाएगा, जो 14 जून को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक मान्य रहेगी।
- नक्षत्र की स्थिति: आज रात 1 बजकर 17 मिनट तक कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसके उपरांत रोहिणी नक्षत्र आरंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी नक्षत्र को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है, जिसमें किए गए कार्य सकारात्मक परिणाम देते हैं।
- योग का प्रभाव: आज शाम 5 बजकर 29 मिनट तक सुकर्मा योग बना रहेगा। सुकर्मा योग की समाप्ति के बाद धृति योग की शुरुआत होगी। ये दोनों ही योग धार्मिक कार्यों, जप, तप और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत लाभदायक माने जाते हैं।
मासिक शिवरात्रि व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यता: मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के असीम आशीर्वाद को प्राप्त करने का सर्वोत्तम दिन है। मान्यता है कि इस दिन महादेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और व्रत रखने से जन्मकुंडली में स्थित ‘चंद्र दोष’ दूर होता है।
इसके अतिरिक्त, राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव और शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों से भी राहत मिलती है। यह भी माना जाता है कि जो अविवाहित जातक मासिक शिवरात्रि का व्रत करते हैं, उनके विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और उन्हें शीघ्र ही मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
ग्रहों की स्थिति और चंद्रमा का गोचर
ग्रहों की चाल का सीधा प्रभाव मानव जीवन की भावनाओं और निर्णयों पर पड़ता है:
- चंद्रमा का गोचर: आज चंद्रमा सुबह 9 बजकर 25 मिनट तक मेष राशि में विराजमान रहेगा। इसके पश्चात् चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएगा, जो मन और विचारों में स्थिरता लाएगा।
- सूर्य की स्थिति: ग्रहों के राजा सूर्य देव पहले की ही भांति आज भी वृषभ राशि में ही स्थित रहेंगे।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र दर्शन का समय
दिन की शुरुआत और संध्याकाल के महत्वपूर्ण समय इस प्रकार रहेंगे:
- सूर्योदय: सुबह 05:23 बजे
- सूर्यास्त: शाम 07:20 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 03:28 बजे
- चंद्रास्त: शाम 05:28 बजे
(नोट: सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में स्थान और शहर के अनुसार मामूली अंतर हो सकता है।)
दिन के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
यदि आप आज कोई नया कार्य, व्यापार या कोई महत्वपूर्ण यात्रा शुरू करने जा रहे हैं, तो इन शुभ मुहूर्तों का ध्यान अवश्य रखें:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से सुबह 04:43 तक (यह समय ध्यान, पूजा और ईश्वर स्मरण के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:22 से सुबह 05:23 तक।
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:53 से दोपहर 12:49 तक (किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए यह अत्यंत शुभ समय माना जाता है)।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 से दोपहर 03:37 तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:18 से शाम 07:39 तक।
- अमृत काल: रात 11:09 से 14 जून की रात 12:34 तक।
दिन के अशुभ मुहूर्त (Ashubh Muhurat)
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुछ समय ऐसे होते हैं जिनमें किसी भी नए और मांगलिक कार्य को आरंभ करने से बचना चाहिए:
- यमगंड काल: दोपहर 02:07 से दोपहर 03:47 तक।
- वर्ज्य काल: दोपहर 02:41 से शाम 04:06 तक।
विभिन्न शहरों में राहुकाल का समय (Rahukaal Timings)
राहुकाल को ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य, निवेश या नई खरीदारी करने की मनाही होती है। भारत के प्रमुख शहरों में आज राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा:
| शहर का नाम | राहुकाल आरंभ (सुबह) | राहुकाल समाप्त (सुबह) |
| दिल्ली | 08:52 बजे | 10:37 बजे |
| मुंबई | 09:20 बजे | 10:59 बजे |
| चंडीगढ़ | 08:51 बजे | 10:37 बजे |
| लखनऊ | 08:39 बजे | 10:23 बजे |
| भोपाल | 08:57 बजे | 10:39 बजे |
| कोलकाता | 08:14 बजे | 09:55 बजे |
| अहमदाबाद | 09:16 बजे | 10:58 बजे |
| चेन्नई | 08:56 बजे | 10:32 बजे |





































