अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस भीषण जंग के बीच एक बहुत ही बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है। इस विनाशकारी युद्ध के माहौल में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री के समर्थन में खुले तौर पर अपनी बात पूरी दुनिया के सामने बहुत ही बेबाकी से रखी है। उन्होंने अपने इस अहम बयान में बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी को लेकर चल रही सभी तरह की चर्चाओं पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप का यह अहम बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल लगातार ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य लड़ाई मजबूती से लड़ रहा है।
गिरफ्तारी से इनकार: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में इजरायली प्रधानमंत्री की संभावित गिरफ्तारी के मुद्दे पर अपनी बहुत ही कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका में रहने के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू को किसी भी हाल में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूर्ण आश्वासन देते हुए कहा कि अमेरिका की धरती पर किसी भी कीमत पर इजरायली नेता को हिरासत में नहीं लिया जा सकता है। राष्ट्रपति का यह पूरा भरोसा दिखाता है कि अमेरिका अपने इस अहम सहयोगी देश के नेता के साथ हर कदम पर पूरी मजबूती से खड़ा है। इस बड़े ऐलान के बाद अब इजरायली प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई की सारी आशंका पूरी तरह खत्म हो गई है।
ईरान के खिलाफ जंग: अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेंजामिन नेतन्याहू का बचाव करते हुए उनके द्वारा इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ लड़ी जा रही जंग का जिक्र किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इजरायली नेता की गिरफ्तारी इसलिए नहीं होगी क्योंकि वो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। उन्होंने ईरान की वर्तमान सरकार को बेहद खतरनाक बताते हुए उसके पुराने और बहुत ही ज्यादा हिंसक इतिहास की भी सबको याद दिलाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ईरान की इसी दमनकारी सरकार ने हाल ही में बावन हजार बेगुनाह प्रदर्शनकारियों को बहुत ही बेरहमी से मार डाला था। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि पिछले सैंतालीस सालों से यह सरकार अमेरिकी सैनिकों और अन्य मासूम लोगों की लगातार हत्या कर रही है।
दोषियों पर निशाना: अपने इस आक्रामक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन लोगों पर भी सीधा निशाना साधा जो ईरान की इस सरकार का बचाव करते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि इजरायली नेता की जगह असल में उन लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए जो इसके असली दोषी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार सिर्फ उन लोगों को किया जाना चाहिए जिन्होंने ईरान को मौत और तबाही के इस भयानक दौर में धकेला है। राष्ट्रपति ट्रंप का साफ मानना है कि असल अपराधी वो लोग हैं जिन्होंने ईरान की बेगुनाह जनता पर इतने लंबे समय तक अत्याचार किए हैं। उनके इस कड़े बयान से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि अमेरिका ईरान की सत्ताधारी सरकार को ही इस पूरी तबाही का मुख्य जिम्मेदार मानता है।
मेयर की बड़ी धमकी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह सख्त बयान अचानक नहीं आया है, बल्कि इसके पीछे न्यूयॉर्क के मेयर द्वारा दी गई एक बहुत बड़ी धमकी है। दरअसल, ट्रंप का यह अहम बयान इसलिए आया है क्योंकि न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायली प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने की धमकी दी थी। जोहरान ममदानी की इस खुली चेतावनी के बाद से ही अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में इस पूरे मुद्दे को लेकर काफी तीखी बहस छिड़ गई थी। मेयर ममदानी के इस अप्रत्याशित बयान ने अमेरिका और इजरायल के कूटनीतिक रिश्तों के बीच एक बहुत ही बड़ा और गंभीर विवाद खड़ा कर दिया था। इसी बड़े कूटनीतिक विवाद को शांत करने और अपनी आधिकारिक स्थिति साफ करने के लिए ही राष्ट्रपति ट्रंप को यह बयान जारी करना पड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र का दौरा: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने अपनी धमकी में बेंजामिन नेतन्याहू की आगामी अमेरिका यात्रा का विशेष तौर पर उल्लेख किया था। ममदानी ने कहा था कि जब बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क दौरे पर आएंगे, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। मेयर ने सख्त चेतावनी दी थी कि उनके शहर में कदम रखते ही इस विदेशी नेता को गिरफ्तार करने की हर संभव कोशिश की जाएगी। संयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा की बैठक एक बहुत बड़ा वैश्विक मंच है, जहां किसी नेता की गिरफ्तारी की धमकी ने सबको पूरी तरह हैरान कर दिया था। हालांकि अब राष्ट्रपति ट्रंप के कड़े आश्वासन के बाद यह तय माना जा रहा है कि बेंजामिन नेतन्याहू का यह दौरा बिना किसी परेशानी के पूरा होगा।










































