अफगानिस्तान में एक बार फिर कुदरत ने अपना कहर बरपाया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। देश में अचानक आई इस भीषण बाढ़ की वजह से अब तक कम से कम बीस लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। इस भयानक प्राकृतिक आपदा के बाद से लगभग सौ से ज़्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया कि यह तबाही मुख्य रूप से पूर्वी प्रांत नूरिस्तान में हुई है। प्रशासन की तरफ से लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
जान माल का भारी नुकसान: आपदा प्रबंधन के प्रवक्ता हम्माद ने जानकारी दी कि पारुन शहर और नूरिस्तान प्रांत के कई इलाकों में काफी तबाही मची है। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि बाढ़ के कारण हमारे साथी नागरिकों की जान-माल का बहुत भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ के तेज बहाव ने लोगों के रिहायशी घरों और उपजाऊ कृषि भूमि को बहुत बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही इलाके की कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधाओं को भी इस आपदा की वजह से भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए बाढ़ की आशंका वाले जोखिम भरे इलाकों से दूर रहें।
आपदा से निपटने में मुश्किलें: अफगानिस्तान में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण ऐसी आपदाओं का प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता है। कई दशकों से देश में चल रहे लगातार संघर्ष ने भी यहां के बुनियादी ढांचे को बहुत बुरी तरह से कमजोर कर दिया है। पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर ने बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को और भी गंभीर बना दिया है। देश के दूर-दराज के इलाकों में बने मिट्टी के कच्चे घर इस तरह की भीषण बाढ़ से बिल्कुल भी सुरक्षा नहीं दे पाते हैं। यही कारण है कि भारी बारिश और बर्फबारी के बाद आने वाली अचानक बाढ़ अक्सर दर्जनों और सैकड़ों लोगों की जान ले लेती है।
सरकार ने जताया दुख: इस भीषण त्रासदी पर सरकारी स्तर पर भी गहरी संवेदनाएं और दुख स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है। सरकारी प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने नूरिस्तान प्रांत में हुए इस भारी नुकसान पर अपनी गहरी चिंता और शोक जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि हमें यह जानकर बहुत ही ज्यादा दुख हुआ है कि नूरिस्तान प्रांत में बाढ़ के कारण इतना नुकसान हुआ है। प्रवक्ता ने इस प्राकृतिक घटना में अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों की शांति के लिए प्रार्थना की है। इसके साथ ही उन्होंने इस आपदा में घायल हुए सभी नागरिकों के जल्द से जल्द पूरी तरह ठीक होने की कामना भी की है।
लगातार मंडराता खतरा: अफगानिस्तान एक ऐसा देश है जहां हमेशा से मौसम की चरम घटनाओं का खतरा बहुत ज़्यादा बना रहता है। साल 2024 के वसंत ऋतु में भी अचानक आई भयंकर बाढ़ ने पूरे देश में भारी तबाही और खौफ पैदा कर दिया था। उस समय आई भीषण बाढ़ की वजह से पूरे देश में तीन सौ से ज़्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इससे पहले इसी साल की शुरुआत में भी देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन और बाढ़ का कहर देखने को मिला था। उस प्राकृतिक आपदा के दौरान भी कम से कम एक सौ दस लोगों की मौत हो गई थी, जो देश के लिए एक बड़ा झटका था।
खराब मौसम की चेतावनी: मौजूदा गंभीर हालात को देखते हुए ट्रांसपोर्ट और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के मौसम विभाग ने आगे के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के चौंतीस में से दस प्रांतों में मौसम अभी और ज़्यादा खराब हो सकता है। इन चिन्हित राज्यों में भारी बारिश होने और धूल तथा रेत वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने का प्रबल अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि इन खराब मौसम वाले इलाकों में एक बार फिर अचानक भीषण बाढ़ आ सकती है। मंत्रालय ने स्थानीय निवासियों को सतर्क करते हुए नदियों के किनारे और बाढ़ के खतरे वाले सभी इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।


























































