उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक गरीब दलित महिला अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। गीता सरोज नाम की इस बेबस महिला ने न्याय की आस में जिले के वरिष्ठ मंडलायुक्त के समक्ष अपनी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने समाजवादी पार्टी के मौजूदा सांसद दारोगा प्रसाद सरोज पर उसकी बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने का सीधा आरोप लगाया है। महिला ने अपने शिकायती पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उसे शासन और प्रशासन से उचित न्याय नहीं मिला तो वह अपनी जान दे देगी। पीड़िता ने चेतावनी दी है कि वह अपनी इस मांग को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने आत्महत्या करने को पूरी तरह मजबूर होगी।
पचास बीघा जमीन पर कब्जा: यह पूरा विवादित मामला जिले की लालगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले मोहनपुर पटवास नामक गांव का बताया जा रहा है। गांव के स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस ताकतवर सपा सांसद के खिलाफ जमीन हड़पने के बहुत ही गंभीर और चिंताजनक आरोप लगाए हैं। मंत्री ओम प्रकाश राजभर के अनुसार इस नेता ने गांव की लगभग पचास बीघा जमीन और एक बड़े तालाब पर पूरी तरह अवैध कब्जा कर लिया है। इस विशाल सरकारी और निजी जमीन को हड़पने के बाद सांसद ने वहां अपने निजी उपयोग के लिए एक बहुत ही शानदार फार्म हाउस बना लिया है। इतना ही नहीं, सांसद ने अपने ऐशो-आराम के लिए इस फार्म हाउस के भीतर एक बड़ा स्विमिंग पूल भी अवैध रूप से तैयार करवा लिया है।
दबंग बेटे और पोते का आतंक: इस जमीन पर अपना अवैध कब्जा बरकरार रखने के लिए सांसद ने बहुत ही खौफनाक और गैरकानूनी हथकंडे अपनाए हैं। कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया है कि सांसद ने इस घृणित काम के लिए अपने दबंग बेटे और पोते को पूरी तरह से छूट दे रखी है। ये दोनों अक्सर शराब के भारी नशे में गांव वालों और पीड़ित महिला के साथ सरेआम बुरी तरह गाली-गलौज करते हैं। लोगों को डराने और धमकाने का काम अब इन दोनों की रोजमर्रा की बुरी आदतों में पूरी तरह से शुमार हो चुका है। अपने कब्जे को सुरक्षित रखने के लिए इन्होंने फार्म हाउस के चारों तरफ करंट दौड़ने वाले खतरनाक नंगे तार भी बिछा दिए हैं।
सपा प्रमुख पर सीधे सवाल: इस गंभीर प्रकरण को लेकर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से सीधे जवाब मांगा है। उन्होंने सपा अध्यक्ष से पूछा है कि आखिर हत्या और जमीन कब्जाने जैसी घटनाओं में हमेशा उनके ही लोग क्यों शामिल पाए जाते हैं। उन्होंने सांसद का नाम लेते हुए तंज कसा कि इनका नाम दरोगा है लेकिन इनके सारे असल काम एक लुटेरे जैसे ही हैं। मंत्री ने सपा प्रमुख से कहा कि वह इस लुटेरे सांसद को अच्छी तरह समझाएं जो एक गरीब महिला का हक खुलेआम मार रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सपा प्रमुख को इस घटना पर कोई भी शक है तो वह अपने करीबी धर्मेंद्र से इसकी पूरी सच्चाई जान सकते हैं।
सामंती सोच का लगाया आरोप: फार्म हाउस के चारों ओर लगाए गए करंट वाले तारों को लेकर कैबिनेट मंत्री ने बहुत ही गहरा और तीखा राजनीतिक रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह तार विशेष रूप से इसलिए लगाए गए हैं ताकि कोई भी गरीब, दलित या पिछड़ा व्यक्ति वहां जाने पर सीधे करंट से मर जाए। मंत्री ने सपा की मूल विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कृत्य किसी भी दृष्टिकोण से समाजवादी सोच का हिस्सा बिल्कुल नहीं हो सकता। उन्होंने इसे सामंती सोच का एक बहुत ही क्रूर और भयानक नतीजा करार दिया है जो दलितों और पिछड़ों के सख्त खिलाफ है। उन्होंने पूछा कि आखिर सपा ने ऐसे खतरनाक अपराधियों को अपनी पार्टी में किस बड़े राजनीतिक स्वार्थ के चलते भर रखा है।
मजबूत विपक्ष के लिए दी नसीहत: अपने लंबे सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में कैबिनेट मंत्री ने सपा अध्यक्ष को भविष्य की राजनीति के लिए एक अहम नसीहत भी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए हम चाहते हैं कि अगले साल नई सरकार में हमें एक बहुत ही मजबूत विपक्ष मिले। एक अच्छा और सशक्त विपक्ष बनने के लिए समाजवादी पार्टी को अभी और भी ज्यादा कड़ी मेहनत करने की सख्त जरूरत है। इसलिए उन्होंने सपा प्रमुख को सुझाव दिया है कि वह अपनी पार्टी में मौजूद लुटेरे दरोगा जैसे बाहुबली लोगों पर तुरंत काबू रखें। उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे अपना नेता प्रतिपक्ष का अहम राजनीतिक पद भी बहुत जल्द गंवा बैठेंगे।


























































