हॉकी वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा दी। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की। 16 अगस्त को एम्सटेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में यह रोमांचक मुकाबला खेला गया। भारत ने मौजूदा ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। भारत की तरफ से खेल में नवनीत और दीपिका ने शानदार गोल दागे। पूरे मुकाबले के दौरान भारतीय टीम ने दो बार बढ़त बनाई थी। चीन ने दोनों बार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। आखिरी क्वार्टर में दोनों टीमों ने निर्णायक गोल के लिए जोर लगाया, लेकिन मैच अंततः ड्रॉ पर छूटा। इससे पहले भारतीय मेन्स टीम ने वेल्स को हराकर अपने अभियान की सफल शुरुआत की थी।
नवनीत ने दिलाई बढ़त: भारत ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और चीन पर दबाव बनाया। खेल के पांचवें मिनट में लालरेमसियामी ने भारत के लिए पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। इस पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत ने शॉट लिया, पर चीनी डिफेंस ने रोक दिया। इसके बाद आठवें मिनट में नेहा के पास पर नवनीत ने गोल दागा। इस गोल की मदद से भारत ने 1-0 की शुरुआती बढ़त हासिल की। हालांकि भारत की यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। शिल्पी दहिया पर सर्कल के अंदर फाउल का आरोप लगा। इसके बाद चीन की टीम को पेनल्टी स्ट्रोक दे दिया गया। चीन की खिलाड़ी झांग यिंग ने मौका भुनाते हुए 1-1 कर दिया।
हाफ टाइम तक लीड: दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने दोबारा आक्रामक खेल दिखाकर दबाव कायम किया। मैच के 21वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि भारतीय टीम इस पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने में नाकाम रही। इसके चार मिनट बाद दीपिका ने दाईं ओर से शानदार मूव बनाया। उनके इस प्रयास से भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया। दीपिका ने ड्रैग-फ्लिक से गेंद को गोल के अंदर पहुंचा दिया। यह गेंद चीनी डिफेंडर से टकराकर गोल में गई थी। इस वजह से वीडियो अंपायर से गोल की जांच कराई गई। जांच के बाद गोल को वैलिड करार दिया गया और भारत 2-1 आगे हो गया। हाफ टाइम तक भारतीय टीम ने अपनी इस बढ़त को बरकरार रखा।
चीन की जोरदार वापसी: मैच के दूसरे हाफ में चीन की टीम ने अपने खेल की रफ्तार बढ़ा दी। तीसरे क्वार्टर के दौरान चीनी टीम ने भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। चीन की इन कोशिशों का परिणाम मैच के 39वें मिनट में देखने को मिला। मा निंग ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। इस गोल के बाद भी चीन ने भारतीय पाले पर कई हमले किए। हालांकि भारतीय डिफेंस ने संयम बनाए रखा और कोई और गोल नहीं होने दिया। तीसरे क्वार्टर का खेल समाप्त होने तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर ही रुकी रहीं।
आखिरी क्वार्टर का रोमांच: चौथे और अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमों ने विजयी गोल के लिए पूरा जोर लगाया। मैच के 51वें मिनट में नवनीत ने चीनी गोल के सामने पास दिया। हालांकि लालरेमसियामी गेंद तक नहीं पहुंच सकीं और भारत बढ़त से चूक गया। 53वें मिनट में चीन की झोउ मोरांग को ग्रीन कार्ड दिखाया गया। इसके चलते चीन को दो मिनट 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। भारतीय टीम इस अहम मौके का कोई फायदा नहीं उठा सकी। मैच के 57वें मिनट में चीन को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। फैन यंशिया का जोरदार हिट गोल से बाहर चला गया और मैच 2-2 से ड्रॉ रहा।
















































