आज के आधुनिक समय में सेकेंड हैंड चीजें (जैसे पुरानी गाड़ियां, फर्नीचर, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स या अलमारी) खरीदना और इस्तेमाल करना काफी आम हो गया है। बजट के लिहाज से यह बेहद फायदेमंद और व्यावहारिक विकल्प लगता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं के साथ उसकी ऊर्जा (पॉजिटिव या नेगेटिव एनर्जी) भी जुड़ी रहती है।
यदि आप किसी पूर्व इस्तेमाल की गई वस्तु को बिना ऊर्जावान रूप से साफ किए सीधे अपने घर में ले आते हैं, तो उससे जुड़ा वास्तु दोष या नकारात्मक प्रभाव आपके जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकता है। वास्तु शास्त्र में कुछ बेहद सरल और अचूक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें सेकेंड हैंड चीजें इस्तेमाल करने से पहले अवश्य करना चाहिए ताकि वे वस्तुएं आपके लिए हमेशा सुखद और सकारात्मक परिणाम देने वाली साबित हों।
1. सेंधा नमक के पानी से करें सफाई
यदि आपने किसी व्यक्ति से पुरानी अलमारी, लकड़ी या लोहे का फर्नीचर, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कार या बाइक जैसी चीजें खरीदी हैं, तो उन्हें उपयोग में लाने से पहले उनकी अच्छी तरह से ऊर्जात्मक सफाई करना आवश्यक है।
- उपाय की विधि: एक बर्तन में साफ पानी लें और उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक (या समुद्री नमक) मिला लें। अब एक साफ सूती कपड़े को इस नमक वाले पानी में भिगोकर और निचोड़कर उस वस्तु के बाहरी हिस्सों को अच्छी तरह पोछें।
- वास्तु लाभ: नमक में नकारात्मक ऊर्जा और पूर्व मालिक के अवशोषित तनाव या दोष को पूरी तरह से सोखने की प्राकृतिक क्षमता होती है। सेंधा नमक के पानी से पोंछा लगाने से वस्तु पर मौजूद हर प्रकार की नकारात्मकता नष्ट हो जाती है और आप घर में लगने वाले संभावित वास्तु दोष से सुरक्षित रहते हैं।
2. सूर्य के प्रकाश और धूप का प्रयोग
सूर्य देव को ऊर्जा, शुद्धता और सकारात्मकता का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत माना गया है। किसी भी पुरानी वस्तु में जमी हुई नकारात्मक या सुप्त ऊर्जा को नष्ट करने के लिए धूप का सही उपयोग बेहद कारघर सिद्ध होता है।
- उपाय की विधि:
- सेकेंड हैंड वस्तु को इस्तेमाल करने से पहले पहले दिन सुबह या शाम की हल्की और हल्की धूप में कुछ घंटों के लिए रखें।
- इसके अगले दिन दोपहर के समय, जब धूप तेज होती है, उस वस्तु को कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए तेज धूप में रखें।
- वास्तु लाभ: तेज धूप और प्राकृतिक प्रकाश के संपर्क में आने से वस्तु के भीतर मौजूद कीटाणु और सीलन तो दूर होती ही है, साथ ही उस पर जमा पुरानी भारी नकारात्मक ऊर्जा भी पूरी तरह वाष्पीकृत होकर समाप्त हो जाती है। इससे वस्तु में नई और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
3. गंगाजल का छिड़काव
सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में गंगाजल को परम पवित्र और नकारात्मकता नाशक माना गया है। किसी भी वस्तु या स्थान के शुद्धिकरण के लिए गंगाजल का प्रयोग अत्यंत फलदायी होता है।
- उपाय की विधि: सेंधा नमक के पानी से पोछने और धूप दिखाने के बाद, उस सेकेंड हैंड वस्तु पर थोड़ा सा गंगाजल छिड़कें। गंगाजल का छिड़काव करते समय अपने इष्ट देव का स्मरण करें या ‘ॐ नमः शिवाय’ अथवा गायत्री मंत्र का जप करें।
- वास्तु लाभ: गंगाजल के छिड़काव से वस्तु पूरी तरह से पवित्र और दोषमुक्त हो जाती है। ऐसा करने से पुरानी वस्तु को इस्तेमाल करना आपके और आपके परिवार के लिए शुभ, सुखद, और समृद्धि देने वाला बनता है।
4. धूप-दीप और सुगंधित वातावरण
उपरोक्त सभी प्रक्रियाओं के बाद, वस्तु को घर के अंदर स्थापित करते समय उसके पास धूपबत्ती, गूगल या लोबान की धूप दिखाएं। कपूर जलाकर उसकी आरती की तरह घुमाने से बची-खुची नकारात्मक तरंगे भी समाप्त हो जाती हैं और वह वस्तु आपके घर के वातावरण के साथ पूरी तरह से सामंजस्य स्थापित कर लेती है।
















































